केंद्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर के लिए तारीख की घोषणा कर दी गई है। इसके बाद से ही सूबे में शिवसेना और एनसीपी, कांग्रेस के बीच पटरी बैठती दिखाई नहीं दे रही है। NPR के बहाने NRC, CAA को भी हवा दी जा रही है। सीएम उद्धव ठाकरे का हाल ही में बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि सीएए लागू होता है तो किसी को डरने की जरूरत नहीं है। इस पर एनसीपी नेता शरद पवार की प्रतिक्रिया सामने आई है। पवार ने कहा कि ये उनके निजी विचार हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सदन में सीएए के खिलाफ वोट किया था। बता दें महाराष्ट्र में तीन राजनीतिक दलों ने मिलकर गठबंधन सरकार बनाई है, इसमें शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस शामिल है।

उद्धव ने कही थी यह बात

सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा 'सीएए और एनआरसी दोनों अलग मसले हैं जबकि एनपीआर अलग है। सीएए लागू होता है तो किसी को डरने की जरूरत नहीं है। एनआसी अभी नहीं है और वह राज्य में लागू भी नहीं होगा।' इसके साथ ही ठाकरे ने कहा 'अगर एनआरसी लागू हो जाता है तो यह सिर्फ हिंदू या मुस्लिमों को ही नहीं बल्कि आदिवासियों को भी प्रभावित करेगा। केंद्र ने अब तक एनआरसी को लेकर कोई बात नहीं की है। एनपीआर जनगणना है और मुझे नहीं लगता कि कोई इससे प्रभावित होगा क्योंकि यह हर 10 साल में एक बार होती है।'

CAA पर हो रहा है बवाल

देशभर में नागरिकता संशोधन कानून पर हंगामा मचा हुआ है। इस कानून को मुस्लिम विरोधी बताते हुए जमकर राजनीति हो चुकी है। गैरभाजपा शासित राज्यों ने संसद से पास इस कानून को लागू करने से इंकार किया है। वहीं इसे लेकर मुस्लिम समाज सहित विपक्ष द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से कई बार साफ किया जा चुका है कि इस कानून से देश के किसी भी नागरिक की नागरिकता पर असर नहीं पड़ेगा, बावजूद इसके सियासत गरमाई हुई है।

Posted By: Neeraj Vyas