नई दिल्ली। असम के आंगनबाड़ी केंद्रों में 19.96 लाख फर्जी लाभार्थियों का खुलासा हुआ है। फर्जीवाड़े का खुलासा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है। आंगनबाड़ी केंद्रों में जब रोजाना के लाभार्थियों की आधार से पहचान की गई तो लाखों की संख्या में फर्जी लाभार्थी पाए गए। सभी फर्जी लाभार्थियों के नाम रजिस्टर में दर्ज थे और उनके नाम से सरकार से करोड़ों की मदद ली जा रही थी। गौरतलब है कि असम के 62,153 आंगनबाड़ी केंद्रों में 36 लाख 24 हजार 973 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इन लाभार्थियों में पांच लाख 94 हजार 296 गर्भवती महिलाएं तथा स्तनपान करानेवाली माताएं शामिल हैं।

दरअसल केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से उनके यहां स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी लाभार्थियों की पहचान करने को कहा था। शिशु देखभाल के रूप में चलनेवाले इन आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान करानेवाली लाभार्थी माताओं की गिनती करने के आदेश दिए थे। आरटीआई के जवाब में महिला एवं बाल कल्याण विकास मंत्रालय ने कहा कि जब लाभार्थियों की एक-एक कर गिनती और आधार से पहचान की गई तो पता चला कि असम के आंगनबाड़ी केंद्रों में 19.96 लाख लाभार्थी फर्जी हैं। इनमें बच्चे, गर्भवती महिलाएं तथा स्तनपान करानेवाली माताएं भी शामिल हैं। इन सभी फर्जी लाभार्थियों के नाम रजिस्टर से हटा दिए गए हैं। दूसरे राज्यों के आंगनबाड़ी केंद्रों के ब्योरे का इंतजार किया जा रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि इन फर्जी लाभार्थियों का आधार कार्ड से पहचान के बाद पता चला है। गौरतलब है कि देश में लगभग 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र हैं और उनमें 10 करोड़ लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें छह वर्ष की आयु तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं तथा स्तनपान करानेवाली माताएं शामिल हैं।