औरंगाबाद। बिहार में भीषण गर्मी और लू से शनिवार को 34 लोगों की मौत हो गई। इसमें से 32 लोगों की मौत अकेले औरंगाबाद जिले के विभिन्न गांवों में हुई है। यह पहली घटना है जब बिहार के किसी एक जिले में एक दिन में लू से इतनी मौते हुई हैं। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र प्रसाद ने लू से 25 लोगों की मरने की पुष्टि की है, लेकिन यह संख्या और ज्यादा है। वहीं, गया में मगध प्रमंडल के क्षेत्रीय स्वास्थ्य उप निदेशक डॉ. विजय कुमार ने 32 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संख्या अभी और बढ़ सकती है। कुछ मरीज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाए जा रहे हैं। डॉक्टरों की टीम अलर्ट हो गई है। वहीं, पटना के नौबतपुर में एक मजदूर और टाटा पटना एक्सप्रेस में भी लू लगने से एक यात्री की भी मौत हुई है।

दो बजे के बाद अस्पताल पहुंचने लगे मरीज

मौत का यह सिलसिला शनिवार दोपहर को लगभग दो बजे के बाद शुरू हुआ। अस्पताल में एक के बाद एक मरीज आते गए। डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादातर मरीज मृत अवस्था में ही लाए गए थे। घटना की वजह लू ही है या कहीं कोई वायरल अटैक या फूड प्वाइजनिंग तो नहीं, इस सवाल पर कहा कि यह मौतें लू से ही हुई हैं। वैसे, डॉक्टर हर केस का निरीक्षण कर रहे हैं।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य उप निदेशक ने विभागीय प्रधान सचिव को इस त्रासदी की जानकारी दे दी है। मगध प्रमंडल के क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक पीयूष रंजन औरंगाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। इधर, परिजनों द्वारा कई शव घर लेकर चले जाने के चलते सदर अस्पताल में उनकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। वहीं, अब भी लू से पीड़ित कई लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

पसीने से लथपथ थे मरीज और शरीर हो गया था बेदम

अस्पताल पहुंचने वाले मरीज पसीने से लथपथ थे। उनका शरीर एकदम बेदम था। वहीं इलाजरत मरीजों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। सभी को ऑक्सीजन मास्क लगाया गया है। सदर अनुमंडलाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार अस्पताल में कैंप कर रहे हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया गया है। शनिवार को दोपहर के बाद अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 30 डिग्री के लगभग था। मौसम विभाग ने दिन का अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया है।

सबसे पहले पहुंचने वाले मरीज ने बताया

पीड़ितों में फेसर थाना क्षेत्र के देवरिया कला करमा रोड के 80 साल के वीरेंद्र सिंह सबसे पहले अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि दोपहर को खाना खाने के बाद वह बरामदे में लेटे हुए थे। उन्हें अचानक तेज बुखार महसूस हुआ और सिर में चक्कर आने लगा। काफी गर्मी लग रही थी। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज चल रहा है। इसके बाद तो जब मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हुआ तो एक के बाद एक मौत की खबरें भी आनी शुरू हो गईं।

पटना में गर्मी ने तोड़ा पिछले 53 साल का रिकॉर्ड

देश के अन्य इलाकों की तरह ही राजधानी पटना में भी आसमान से आग बरस रही है। शनिवार को गर्मी ने 53 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पटना बिहार का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। शनिवार को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पूर्व नौ जून 1966 को पटना का अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। 2012 में 14 जून को 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। पटना के साथ नालंदा, औरंगाबाद, गया, राजगीर, नवादा और भागलपुर के आसपास का क्षेत्र लू की चपेट में रहेगा।

Posted By: Neeraj Vyas

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