जोधपुर, 28 सितंबर। राजस्थान के जालोर जिले के सुराणा गांव में दलित छात्र के मटकी से पानी पीने के मामले में अध्यापक द्वारा पिटाई का मामला जोर पकड़ रहा है। गुजरात से तकरीबन 400 से अधिक दलित महिलाएं एक बड़े से मटके के साथ यात्रा के तहत जालौर के सुराणा गांव पहुंची और मृतक के परिजनों से मिलकर सहायता राशि सौंपी। इस तरह इन्होंने छुआछूत के खिलाफ संदेश देने और पिटाई का विरोध करने का प्रयास किया।

गुजरात में दलित जागरूकता को लेकर दलित नारी सेवा केंद्र सहित कई संस्थाओं के बैनर तले 8 राज्यों के 1233 सौ गांवों के प्रत्येक दलित घर से एक-एक रुपये एकत्रित कर पौने तीन लाख रुपये इकट्ठे किये। इस राशि को एक वाहन में विशाल मटका में रखकर रैली के रूप में यह दल रवाना हुआ। मटके में दलित समाज की ओर एकत्रित राशि रखी गयी, जो कि मृतक दलित छात्र इंद्र मेघवाल के परिजनों को सौंपी गई है।

जालौर के सुराणा गांव में दलित छात्र के मटकी से पानी पीने के मामले मामले में कई दलित संगठनों ने सुराणा गांव पहुंचकर अपनी संवेदना व्यक्त की थी। इसी कड़ी में गुजरात से 400 से ज्यादा दलित महिलाओं का एक दल सुराणा गांव पहुंचा। हालांकि पहले गुजरात और राजस्थान की सरहद पर रानीवाड़ा में इस दल को प्रवेश करने से रोका गया लेकिन बाद में सहमति बनने पर इस दल से जुड़ी महिलाओं को मटकी समेत प्रवेश करने दिया गया।काफिले को लेकर राजस्थान में प्रवेश करने के साथ ही पुलिस के पुख्ता इंतजाम किए गए और सुराणा गांव में भी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस पूरे मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अमला भी सुराणा गांव में तैनात रहा।

Posted By: Shailendra Kumar

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