नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि वह 2030 तक देश के बिजली ग्रिड में अक्षय ऊर्जा स्रोतों से 500 गीगावाट अतिरिक्त बिजली जोड़ना चाहती है।

नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी आनंद कुमार ने एक बयान में कहा कि 2030 तक सरकार 500 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करना चाहती है।

इसका मकसद शहरों की हवा को स्वच्छ करना है। साथ ही कोयले पर तेजी से बढ़ रही निर्भरता को घटाना है।

2022 तक 175 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो जाएगी। इसमें बड़ी पनबिजली परियोजनाएं शामिल नहीं हैं।

यदि बड़ी पनबिजली परियोजनाओं को भी शामिल कर लिया जाए, तो 225 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो जाएगी।

Posted By: Navodit Saktawat