78th Mann ki Baat June 27, 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो प्रोग्राम मन की बात (Mann ki Baat) को संबोधित किया। यह मन की बात का 78वां एपिसोड था। पीएम मोदी ने इस बार अलग अंदाज में Mann ki Baat कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हर बार लोग मुझसे सवाल पूछते हैं, इस बार मैं सवाल पूछूंगा। पीएम ने ओलिपिंक से जुड़ा सवाल पूछे और अपील की कि लोग MyGov पर जाएं और टोक्यो ओलंपिक से जुड़े क्वीज में जरूर हिस्सा लें। उन्होंने इस मौके पर मिल्खा सिंह को भी याद किया। इस दौरान पीएम मोदी ने टोक्यो ओलिंपिंक में हिस्सा लेने जा रहे भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बताया। पीएम मोदी ने एक-एक कर बताया कि किस तरह छोटे शहरों और गरीब परिवारों से जुड़े खिलाड़ी इस बार टोक्यो में जा रहे हैं।

इस दौरान पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के बैतूल जिले दुलारिया गांव के राजेश हिरावे से बात की। राजेश हिरावे ने पीएम को बताया कि इंटरनेट मीडिया पर फैल रहे भ्रम की वजह से लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे। प्रधानमंत्री ने राजेश हिरावे से कहा कि आप खुद वैक्सीन लगवाइए और ग्रामीणों के बीच वैक्सीन को लेकर फैल रहे भ्रम को दूर कीजिए।

78th Mann ki Baat June 27, 2021: जानिए पीएम मोदी की कही बड़ी बातें

जब बात Tokyo Olympics की हो रही हो, तो भला मिल्खा सिंह जी जैसे legendary athlete को कौन भूल सकता है। कुछ दिन पहले ही कोरोना ने उन्हें हमसे छीन लिया। जब वे अस्पताल में थे, तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था। जब Talent, Dedication, Determination और Sportsman Spirit एक साथ मिलते हैं, तब जाकर कोई champion बनता है। Tokyo जा रहे हमारे Olympic दल में भी कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिनका जीवन बहुत प्रेरित करता है।

टोक्यो जा रहे हर खिलाड़ी का अपना संघर्ष रहा है, बरसों की मेहनत रही है। वो सिर्फ अपने लिए ही नहीं जा रहें बल्कि देश के लिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर आप #Cheer4India के साथ अपने इन खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दे सकते हैं।

कभी-ना-कभी, ये विश्व के लिए case study का विषय बनेगा कि भारत के गांव के लोगों ने, हमारे वनवासी-आदिवासी भाई-बहनों ने, इस कोरोना काल में, किस तरह, अपने सामर्थ्य और सूझबूझ का परिचय दिया।

हमारे देश में अब मानसून का सीजन भी आ गया है। बादल जब बरसते हैं तो केवल हमारे लिए ही नहीं बरसते, बल्कि बादल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बरसते हैं। इसलिए मैं जल संरक्षण को देश सेवा का ही एक रूप मानता हूं।

हमारे शास्त्रों में कहा गया है- “नास्ति मूलम् अनौषधम्” अर्थात, पृथ्वी पर ऐसी कोई वनस्पति ही नहीं है जिसमें कोई न कोई औषधीय गुण न हो! हमारे आस-पास ऐसे कितने ही पेड़ पौधे होते हैं जिनमें अद्भुत गुण होते हैं, लेकिन कई बार हमें उनके बारे में पता ही नहीं होता!

मध्य प्रदेश के सतना के एक साथी हैं श्रीमान रामलोटन कुशवाहा जी, उन्होंने बहुत ही सराहनीय काम किया है। रामलोटन जी ने अपने खेत में एक देशी म्यूजियम बनाया है। इस म्यूजिम में उन्होंने सैकड़ों औषधीय पौधों और बीजों का संग्रह किया है।

Image

Image

Image

Image

Image

Image

Image

Image

Image

Image

Posted By: Arvind Dubey