7th Pay Commission Update: श्रम मंत्रालय ने औद्योगिक श्रमिकों के खुदरा मूल्य सूचकांक (सीपीआइ, आई डब्ल्यू) के आधार वर्ष को बदलकर अब 2016 कर दिया है। अब तक वर्ष 2001 के आधार पर यह तय किया जा रहा था। मुख्य रूप से औद्योगिक श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी और सरकारी कर्मचारियों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते CPI, आईडब्ल्यू के आधार पर तय किए जाते हैं। हालांकि गुरुवार को इस मौके पर मौजूद श्रम सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि अब हर पांच वर्ष में इस सूचकांक में बदलाव किया जाएगा। सरकार कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के सीपीआइ के आधार वर्ष में भी बदलाव करने जा रही है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह बहुत आवश्‍यक खबर है। यह इसलिए जरूरी है क्‍योंकि यह डीए DA महंगाई भत्‍ते से जुड़ी है। उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक यानी CPI-IW के बेस ईयर यानी आधार वर्ष में बदलाव हो गया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने आज नया CPI-IW सीपीआई-आईडब्ल्यू सूचकांक जारी कर दिया है। नए आधार वर्ष पर आधारित CPI जारी करते हुए श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि इस बदलाव से सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन भविष्य में जब नए वेतन आयोग के मुताबिक महंगाई भत्ते का निर्धारण होगा, उस दौरान इसका असर दिख सकता है। वर्ष 2026-27 में नए वेतन का निर्धारण हो सकता है। केंद्रीय कर्मचारियों को भविष्‍य में अच्‍छा खास महंगाई भत्‍ता मिल सकता है। सरकार ने आधार वर्ष बदल दिया है। महंगाई भत्‍ते DA में इजाफा होना तय है। इस परिवर्तन से देश के 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। कर्मचारियों का वेतन एवं डीए का आकलन इस सीपीआई-आईडब्ल्यू पर ही आधारित होता है। जब इसे आधार वर्ष में परिवर्तित किया जाता है तो सीधा महंगाई भत्‍ते पर प्रभाव पड़ता है। सीपीआई-आईडब्ल्यू के आधार वर्ष को बदलने से निजी क्षेत्र के कामगारों के न्यूनतम वेतन में भी इजाफा होगा। सरकार इस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार वर्ष में परिवर्तन करती है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक महत्‍वपूर्ण मापदंड है। इसका इस्‍तेमाल सेवाओं एवं वस्‍तुओं की एवरेज वैल्‍यू यानी औसत मूल्‍य के माप के लिए किया जाता रहा है। वस्‍तुओं एवं सेवाओं (goods and services) के एक स्‍टैंडर्ड ग्रुप की औसत मूल्‍य की गणना करके इसका कैल्‍क्‍युलेशन किया जाता है। इसका इस्‍तेमाल अर्थव्‍यवस्‍था में खुदरा मुद्रास्‍फीति का आकलन करने एवं कर्मचारियों के DA महंगाई भत्‍ते की गणना के लिए भी होता है।

इस वर्ष के आरंभ में केंद्र सरकार ने डीए के भुगतान को हरी झंडी दे दी थी और प्रक्रिया भी शुरू होने वाली थी लेकिन मार्च में कोरोना महामारी के चलते लगाए गए देशव्‍यापी लॉकडाउन के दौरान डीए के भुगतान पर रोक लगा दी गई। यह रोक वर्ष 2021 तक के लिए लगाई गई है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को जो महंगाई भत्‍ते का भुगतान किया जा रहा है वह 17 प्रतिशत है। पिछले दिनों ही सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दिवाली प्री-पेड उपहार घोषित किया था। इस शॉपिंग कार्ड का उपयोग कर्मचारी 31 मार्च, 2021 तक कर सकते हैं।

30 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी सौगात, मिलेगा बोनस

कोरोना महामारी के चलते अर्थव्यवस्था पर पड़ी बड़ी चोट के बावजूद केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को बोनस देने का एलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट कमेटी की बैठक में 30.67 लाख गैर राजपत्रित कर्मचारियों को 3,737 करोड़ रुपये बोनस देने का फैसला किया गया। तत्काल प्रभाव से सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की रकम ट्रांसफर करने को कहा गया है। इस फैसले से अर्थव्यवस्था की सेहत में सुधार की उम्मीद है।

सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) के तहत रेलवे, डाक, सुरक्षा, ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन), ईएसआइसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) जैसे विभागों के 16.97 लाख गैर राजपत्रित कर्मचारियों को बोनस दिए जाएंगे। इससे सरकारी खजाने पर 2,791 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। वहीं, केंद्र सरकार के 13.70 लाख कर्मचारियों को गैर पीएलबी या तदर्थ बोनस के रूप में 946 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। कुल मिलाकर सरकारी खजाने पर 3,737 करोड़ रुपये का बोझ आएगा जिससे 30.67 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे। जावडेकर ने कहा कि बोनस का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा और दशहरा से पहले तक यह भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से मध्य वर्ग के हाथ में पैसे आएंगे और बाजार में मांग बढ़ेगी।

त्योहारी एडवांस की हुई थी घोषणा

हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एलटीसी स्कीम और 10,000 रुपये के त्योहारी एडवांस की भी घोषणा की थी। इससे अर्थव्यवस्था में 73,000 करोड़ रुपये की मांग के सृजन का अनुमान लगाया गया है। 10,000 रुपये के त्योहारी एडवांस सभी राजपत्रित और गैर राजपत्रित कर्मचारियों को रुपे कार्ड के रूप में दिए जाएंगे। आगामी 31 मार्च तक इस कार्ड से खरीदारी संभव हो सकेगी और 10 किस्तों में कर्मचारी इस रकम को लौटा सकते हैं। वहीं एलटीसी स्कीम के तहत कर्मचारी 12 फीसद या इससे अधिक जीएसटी दर पर बिकने वाले सामान की खरीदारी कर सकते हैं।

शाह ने पीएम मोदी को दी बधाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय कर्मचारियों को तत्काल बोनस भुगतान की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार खुशहाली का पर्याय है। त्योहार से पहले लाखों कर्मचारियों के जीवन में खुशी लाने के लिए प्रधानमंत्री को बधाई।

रेलवे यूनियनों ने हड़ताल वापस ली

सरकार द्वारा बोनस देने के एलान के बाद रेलवे कर्मचारी यूनियनों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। कैबिनेट के फैसले से रेलवे के 11.58 लाख गैर राजपत्रित कर्मचारी लाभान्वित होंगे। प्रत्येक कर्मचारी को बोनस के रूप में 17,951 रुपये मिलेंगे। रेलवे कर्मचारी संघों ने धमकी दी थी कि अगर 20 अक्टूबर तक बोनस का भुगतान नहीं किया गया तो वे 22 अक्टूबर से कामकाज ठप कर देंगे।

लाखों सरकारी कर्मचारियों को खुशखबरी, इस महीने से बढ़कर मिलेगा वेतन

ढाई लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर है। सरकार ने अब यह निर्णय लिया है कि अक्‍टूबर के महीने में कर्मचारिेयों से एक दिन की वेतन कटौती नहीं की जाएगी। यह निर्णय उत्‍तराखंड राज्‍य सरकार ने किया है। इस फैसले से ढाई लाख कर्मचारियों को राहत मिलेगी। दिवाली से पहले इस फैसले को कर्मचारियों के लिए सौगात माना जा रहा है। राज्‍य सरकार ने ताजा फैसले में यह तय किया है कि अब कर्मचारियों का एक दिन का वेतन नहीं काटा जाएगा। कोरोना संकट के बाद उपजी आर्थिक समस्‍याओं के चलते शासन ने कर्मचारियों के वेतन में से कटौती का निर्णय लिया था। अब इसे हटा लिया गया है। नई व्‍यवस्‍था में सरकार ने जो तय किया है, उसके अनुसार कोरोना राहत कोष के लिए आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों सहित विधायकों को छोड़कर सारे कर्मचारियों को इस कटौती से मुक्‍त रखा गया है। यह आदेश एक अक्‍टूबर से लागू माना जाएगा। यानी नवंबर में मिलने वाली सैलेरी बढ़कर मिलेगी। उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। खास बात यह है कि अक्‍टूबर के बाद भी यह व्‍यवस्‍था जारी रहेगी। हालांकि मुख्‍यमंत्री, मंत्री, विधायक, विधानसभा अध्‍यक्ष, उपाध्‍यक्ष का एक दिन का वेतन अभी काटा जाएगा। कर्मचारी संगठन इस संबंध में लंबे समय से मांग करते चले आ रहे थे कि उनका वेतन अब ना काटा जाए।

उत्तर प्रदेश के दस लाख राज्य कर्मचारियों को मिलेगी त्योहारों पर सौगात

त्योहारों के मौके पर बाजार में मांग बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के उद्देश्य से केंद्र की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी राज्य कर्मचारियों को स्पेशल फेस्टिवल पैकेज के रूप में 10,000 रुपये और अवकाश यात्रा सुविधा (एलटीसी) के बदले स्पेशल कैश पैकेज देने जा रही है। एलटीसी के बदले स्पेशल कैश पैकेज के तहत कर्मचारी को 24,000 रुपये दिये जाएंगे। प्रदेश में 10 लाख राज्य कर्मचारी हैं जिन्हें त्योहारी सीजन में यह सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद वित्त विभाग ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं, जिन्हें जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है।

Press Release- Union Ministry of Labour & Employment has denied reports appearing in a section of Media under the...

Posted by Ministry of Labour and Employment, Government of India on Friday, October 16, 2020

Posted By: Navodit Saktawat

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