अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद तालिबानी लड़ाकों के कई तस्वीरें वायरल हुईं। ऐसी ही एक तस्वीर को लेकर दावा किया गया था कि जो शख्स बंदूक लिए नजर आ रहा है, वो कुछ दिन पहले तक नागपुर में रह रहा था। इंटरनेट मीडिया पर दावा किया गया कि वह शख्स मूल से रूप से अफगानिस्तान का था जो भारत में बिना जरूरी दस्तावेजों के रह रहा था। इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने उसे काबुल भेज दिया। वह तालिबान में शामिल हो गया। नागपुर पुलिस ने इस बात की पुष्टि तो की है कि नागपुर में गैरकानूनी तौर पर रह रहे एक अफगानी शख्स को काबुल डिपोर्ट किया था, लेकिन वायरल फोटो में नजर आ रहा शख्स वही है, इसकी पुलिस पुष्टि नहीं करती है।

पुलिस की शिकायत के मुताबिक, तस्वीर में दिख रहा नूर मोहम्मद उर्फ ​​अब्दुल हक 10 साल से नागपुर में रह रहा था। माना जाता है कि नूर मोहम्मद, जिसे इस साल जून में अफगानिस्तान भेजा गया था, अब तालिबान में शामिल हो गया है। भारत में रहने के दौरान 16 जून 2021 को उसे नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस को नूर मोहम्मद के शरीर में गोलियों के निशान मिले थे। उसके पास से तालिबान से जुड़े कई वीडियो भी बरामद हुए हैं।

उसके कथित आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी पुलिस के संज्ञान में भी आई थी। नागपुर पुलिस ने कुछ दिनों की जांच के बाद 23 जून 2021 को नूर मोहम्मद को वापस अफगानिस्तान डिपोर्ट कर दिया था। वह शहर के दिघोरी इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। आखिरकार उसे 23 जून को पकड़ लिया गया और अफगानिस्तान भेज दिया गया था।

दो महीने बाद, मूर मोहम्मद को एलएमजी मशीन गन के साथ सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में देखा गया है। भारत से अफगानिस्तान लौटने के बाद उसके तालिबान में शामिल होने का संदेह है।

Posted By: Arvind Dubey

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