एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने कोरोना लक्षण पर सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बुखार और गले में खराश की शिकायत होने पर सतर्क रहने की जरूरत है। इस तरह के लक्षणों को वायरल फीवर समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। कांत ने कहा, यह सभी लक्षण कोविड संक्रमण के प्रमुख लक्षणों में शामिल है। ऐसे में लोगों को बिना देर करें जांच करानी चाहिए।

रवि कांत ने बताया, 'कोरोना की दूसरी लहर का असर युवा वर्ग पर ज्यादा देखा जा रहा है।' संक्रमण की दर को रोकने के लिए जरूरी है कि लोग अपने घर में रहे। बिना किसी वजह से बाहर बिल्कुल नहीं निकलें। प्रोफेसर कांत ने कहा कि महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन लगाना बेहद जरूरी है। ऐसे में सभी लोग जल्द से जल्द कोविड टीका लगवाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि समय रहते वैक्सीन लगने से शरीर में वायरस का असर कम होगा।

एम्स में कोविड स्क्रीनिंग ओपीडी के प्रभारी डॉ. योगेश बहुरूपी ने कहा कि अप्रैल महीने में 5287 लोगों ने जांच के लिए कोविड सैंपलि दिए। जिनमें अधिकांश लोग 20 से 50 साल के थे। इस उम्र के व्यक्तियों को नौकरी के लिए हर दिन घर से बाहर निकलता पड़ता है। इस मामले में चिकित्सकों ने सुझाव दिया है कि कोविड 19 से बचने के लिए कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की आवश्यकता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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