पठानकोट। चर्चित कठुआ अपहरण, दुष्कर्म और हत्याकांड में पठानकोट की अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। इस जघंन्य अपराध में कुल 7 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से एक (विशाल) को बरी कर दिया गया है। विशाल मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान सांझी राम का बेटा है। शेष सभी 6 को दोषी करार दिया गया है। इनमें एक नाबालिग है। जानिए मामले में दोषी सांझी राम, दीपक कुमार खजूरिया, प्रवेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, आनंद दत्ता, तिलक राज दोषी के बारे में -

पुलिस चार्जशीट के मुताबिक, पूरे अपराध का मास्टरमांडर 60 साल का सांझी राम था। इसकी अगुवाई में ही बीते साल 10 जनवरी को आठ साल की मासूम को अगुवा किया गया था और कठुआ के एक घर में रखा गया था। वारदात के समय मासूम अपने घोड़े खोज रही थी। आरोपियों ने नाबालिग के साथ चार दिन तक दुष्कर्म किया गया और फिर हत्या कर दी। पूरे मामले में नाबालिग आरोपी की भूमिका भी बहुत अहम रही है, क्योंकि उसने ही लड़की का अपहरण किया था।

दोषियों में शामिल दीपक खजुरिया ने ही लड़की को मारने से पहले दुष्कर्म की बात कही थी। पुलिस की रिपोर्ट में पहले उसका नाम नहीं था, लेकिन बाद में कॉल डिटेल से साफ हो गया कि वह भी मौका पर मौजूद था। इसी तरह सुरेंद्र कुमार भी कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी बनाया गया था। प्रवेश कुमार पर मासूम के साथ लगातार रेप का आरोप था

मामले में दोषी दो अन्य, आनंद दत्ता और तिलक राज पुलिस में हैं। इन पर रिश्वत लेकर केस रफा-दफा करने का आरोप है। एसआई आनंद दत्ता और हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज ने समय पर सबूत नहीं जुटाए और लड़की के खून से सने कपड़े धोकर आरोपियों की मदद करने की कोशिश की थई।

सांझी राम के बेटे विशाल जंगोत्रा को बरी कर दिया गया है। फरेंसिक टेस्ट की रिपोर्ट के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। वह मेरठ में पढ़ता था और अन्य आरोपियों ने उसे 'मजा लूटने' वाली बात कहकर कठुआ बुलाया था।

Posted By: Arvind Dubey

  • Font Size
  • Close