Amaravati Murder: महाराष्ट्र के अमरावती में उदयपुर जैसी घटना सामने आई है। यहां कथिततौर पर नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर एक केमिस्ट (दवा कारोबारी) की गला काटकर हत्या कर दी गई। खास बात यह भी है कि यह घटनाक्रम 21 जून का है, लेकिन अब तक मामला दबा कर रखा गया। इसको लेकर भी तब की उद्धव ठाकरे सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के अमरावती शहर में 54 वर्षीय केमिस्ट की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस को संदेह है कि हत्या इसलिए की गई क्योंकि केमिस्ट ने कथित रूप से एक सोशल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा किया था। दवा कारोबारी की पहचान उमेश कोल्हे के रूप में की गई है। मामले में पुलिस ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

Amaravati Murder: ऐसे हुई हत्या

घटना 21 जून को रात 10 बजे से 10.30 बजे के बीच हुई जब उमेश कोल्हे अपनी दुकान 'अमित मेडिकल स्टोर' बंद करके घर जा रहे थे। 27 वर्षीय संकेत और उनकी पत्नी वैष्णवी उनके साथ एक अन्य स्कूटर पर थे। उमेश के बेटे संकेत ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया, 'हम प्रभात चौक से जा रहे थे और हमारे स्कूटर महिला कॉलेज न्यू हाई स्कूल के गेट पर पहुंच गये थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो आदमी अचानक मेरे पिता की स्कूटी के सामने आ गए। उन्होंने मेरे पिता की स्कूटी रोक दी और उनमें से एक ने उनकी गर्दन के बाईं ओर चाकू से वार कर दिया। पिता गिर गए और खून बह रहा था। मैंने अपना स्कूटर रोका और मदद के लिए चिल्लाने लगा। एक अन्य व्यक्ति आया और तीनों मोटरसाइकिल पर मौके से फरार हो गए।

आसपास के लोगों की मदद से कोल्हे को पास के एक्सन अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अमरावती शहर पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'अब तक गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों ने हमें बताया है कि उन्होंने एक अन्य आरोपी की मदद मांगी, जिसने उन्हें एक कार और भागने के लिए 10,000 रुपये मुहैया कराए।'

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि कोल्हे ने व्हाट्सएप पर नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित किया था। गलती से उसने मुस्लिम सदस्यों वाले एक समूह पर संदेश पोस्ट कर दिया, जो उसके ग्राहक भी थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने कहा कि यह पैगंबर का अपमान है और इसलिए उन्हें मरना चाहिए।

जांच के लिए पहुंची NIA

इस मामले की जांच भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। एनआईए के अधिकारी अमरावती पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं। उमेश कोल्हे के बेटे संकेत की शिकायत के बाद अमरावती में सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन द्वारा प्रारंभिक जांच शुरू की गई। इसके बाद 23 जून को मुद्दसिर अहमद और शाहरुख पठान को गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ में चार और लोगों की संलिप्तता का पता चला। जिनमें से तीन - अब्दुल तौफिक (24 साल), शोएब खान (22 साल) और अतिब राशिद (22 साल) को 25 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक शमीम अहमद फिरोज अहमद फरार है।

Posted By: Arvind Dubey

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