अंबाला। हरियाणा में रेलवे का चौंकाने वाला घोटाला हुआ है। बरसों पहले बिछाई गई पूरी रेल लाइन ही जमीन पर से गायब हो गई है और किसी को इसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। यह रेल लाइन एक समय लाहौर तक आटे की सप्लाई के लिए फैक्‍टरी से अंबाला छावनी स्‍टेशन तक बिछाई गई थी।

अंबाला छावनी की बीडी फ्लोर मिल से लाहौर तक आटा पहुंचाने के लिए बिछाई गई स्पेशल रेल लाइन कहां और कैसे गायब हो गई, यह‍ अभी तक रहस्‍य बना हुआ है। रेलवे प्रशासन ने अभी तक इस मामले में ध्‍यान देने की जरूरत नहीं समझी है। यह रेललाइन बीडी फ्लोर मिल से अंबाला छावनी स्टेशन तक जुड़ी हुई थी। मिल से मालगाड़ी में आटा भरकर लाहौर के लिए रवाना होता था। यह मिल उस वक्त एशिया की बड़ी मिलों में शुमार थी। मिल बंद होने के साथ ही रेलपटरी गायब हो गई। इस पटरी का मालिकाना हक किसके पास है, इस बारे में आज तक कोई दस्तावेज रेलवे के रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है।

बनारसी दास फ्लोर मिल से रेलवे स्टेशन तक थी रेल लाइन

पटरी गायब होने के मामले में रेल अधिकारी संदेह के दायरे में हैं, जिन्होंने पटरी उखाडऩे के लिए एनओसी जारी की थी। हैरानी यह है कि अंबाला रेल मंडल ने फाइलों में पटरी का मालिकाना हक मिल संचालकों को देने पर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन दिल्ली के आला अधिकारियों ने संचालकों पर मेहरबानी की थी। बुधवार को ओल्ड ग्रांट के नियमों का उल्लंघन होने पर प्रशासन ने करीब साढ़े छह एकड़ जमीन अपने कब्जे में ले ली है। जमीन कब्जे में लेने के बाद भी अब पटरी को लेकर भी मामला उठा है।

सूत्रों के अनुसार मिल के बाहर का हिस्सा नगर परिषद से लीज पर लिया गया था। इस लीज की जमीन पर मिल से होकर छावनी रेलवे स्टेशन तक रेल के आवागमन के लिए पटरी बिछाई गई थी। मिल बंद होने के बाद करीब चार दशक तक यह रेल पटरी बिछी रही, लेकिन कोई भी पटरी के मालिकाना हक के लिए सामने नहीं आया। करीब 20 साल पहले पटरी के मालिकाना हक के लिए रेलवे ने कागजी कार्रवाई शुरू की।

तब अंबाला मंडल के इंजीनियरिंग विभाग ने फाइलों पर आपत्ति दर्ज करवा दी। इसके बावजूद दिल्ली से सीधे एनओसी जारी कर दी गई कि यह पटरी मिल संचालक उखाड़ सकते हैं, जिसको लेकर रेलवे को कोई आपत्ति नहीं है। आज भी रेलवे के रिकॉर्ड में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि इस पटरी का मालिकाना हक हकीकत में किसका था। करीब तीन किलोमीटर रेललाइन पर रेल अधिकारियों की कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में हैं। अपर रेल मंडल प्रबंधक कर्ण ने कहा कि वे जानकारी लेकर ही इस बारे में बता सकते हैं।

Posted By: Yogendra Sharma

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