नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस को कई मसले पर घेरा। उन्होंने सिख विरोधी दंगों को लेकर बात कही तो दूसरी ओर हिंदू आतंकवाद को लेकर साध्वी प्रझा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने "वोट बैंक" के लिए यह दोषारोपण किया। उनका कहना था कि हिंदू आतंकवाद संबंधी साजिश के सभी आरोप अदालत ने खारिज कर दिए हैं।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगे पर कहा कि सैम पित्रोदा ने जो कहा है कि उससे कांग्रेस की सोच उजागर होती है। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने तब उसे उचित ठहराया था। सिख विरोधी दंगे के दोषियों को सजा नहीं दी गई थी।

इन दोषियों को केवल मोदी सरकार के कार्यकाल में ही सजा मिली है। कांग्रेस ने इस मामले में कोई कदम नहीं उठाए। तत्कालीन प्रधानमंत्री डॅा. मनमोहन सिंह ने भी कांग्रेस नेताओं के कहने पर माफी मांगी थी। कांग्रेस की सरकार कई वर्ष रही लेकिन सिखों के हित में कोई निर्णय नहीं हुए लेकिन भाजपा ने पीड़ितों को मुआवजा दिया।

उल्लेखनीय है कि झान आयोग के पूर्व अध्यक्ष सैम पित्रौदा ने सिख विरोधी दंगों पर बयान दिया था जिसके बाद राजनीति गर्मा गई। विरोध होने पर सैम ने अपना बयान बदला और फिर ट्वीट कर दिया। गौरतलब है कि सैम ने सिख विरोधी दंगों को लेकर बयान दिया था "तो क्या हुआ सो हुआ"।

शाह ने शनिवार को कहा कि सैम पित्रोदा ने जो कहा है कि उससे कांग्रेस की सोच उजागर होती है। उन्होंने कहा कि हजारों सिख बेरहमी से मारे गए थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने तब उसे उचित ठहराया था। किसी को सजा नहीं दी गई थी। मनमोहन सिंह ने कांग्रेस के कहने पर माफी मांगी थी। इस मसले पर हंगामा होने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सैम से कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

Posted By: Lav Gadkari