देहरादून। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री अमृता सिंह के मामा मधुसूदन बिम्बेट की संपत्ति को लेकर रार बढ़ती जा रही है। संपत्ति से जुड़े लोग और दस्तावेजों से जो कुछ छनकर बाहर आ रहा है, उससे संपत्ति पर हिस्सेदारी का मामला काफी पेचीदा हो गया है।

हाई प्रोफाइल परिवार के बीच विवाद की बुनियाद तभी पड़ गई थी, जब 86 साल की अवस्था में मधुसूदन बिम्बेट की मां आशा बिम्बेट ने साल 2009 में वसीयत लिखी। परिवार के करीबियों की मानें तो उन्होंने पैतृक संपत्ति का केवल मधुसूदन को उत्तराधिकारी बताया था।

वहीं, वसीयत में ताहिरा बिम्बेट का जिक्र केवल इतना ही किया गया था कि मधुसूदन अगर चाहें तो ताहिरा को चालीस लाख रुपये दे सकते हैं। इस वसीयत में रुखसाना सुल्ताना या उनकी बेटी अमृता सिंह का जिक्र तक नहीं है।

अपनों के बीच दूरियां तब और बढ़ गईं, जब 2016 में ताहिरा ने अमृता के साथ मिलकर संपत्ति पर दावा ठोक दिया। मामले में दो अलग-अलग वाद जिलाधिकारी और सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दाखिल किए गए हैं। देखना होगा कि मधुसूदन ने आखिरी समय में जो वसीयत की है, वह कब खुलती है। क्योंकि पारिवारिक मित्रों और मधुसूदन के करीबियों की मानें तो इससे मामला और भी उलझ सकता है।

मदन मोहन की पहली पत्नी की बेटी थीं रुखसाना

वायुसेना में अधिकारी रहे मदन मोहन बिम्बेट की पहली शादी जरीना (जरीना सुल्ताना) से हुई थी। शादी के बाद रुखसाना सुल्ताना पैदा हुईं। तलाक के बाद जरीना मायके चली गईं। वहां उन्हें अपने नाना एहसान उल हक की संपत्ति मिली। इसके बाद मदनमोहन ने आशा से विवाह किया। जिससे ताहिरा बिम्बेट व मधुसूदन बिम्बेट पैदा हुए।

ताहिरा ने महमूद नाम के व्यक्ति से शादी, जिससे बाद में उनका तलाक हो गया। वर्तमान में वह गोवा में रहती हैं। सूत्रों की मानें तो कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में अमृता सिंह ने दावा किया है कि उनकी मां रुखसाना दिवंगत मदन मोहन और आशा बिम्बेट की बेटी हैं। रुखसाना सुल्ताना का एक नाम मीनू बिम्बेट भी था।

कब किसके के नाम रही विवादित संपत्ति

- 27 मार्च 1940 : एंग्लो इंडियन एंड डोमेसाइल्ड यूरोपियन सोसायटी ने यह संपत्ति डार्टन और उनकी पत्नी एम डार्टन को बेची।

- 6 मार्च 1941 : डार्टन परिवार ने यह संपत्ति ईला लुम्सडन को बेची गई।

- 28 नवंबर 1951 : ईला लुम्सडन ने इसका दाखिल खारिज कराया।

- 7 अक्टूबर 1968 : इसमें से दो बीघा जमीन विजय केन नाम के व्यक्ति को बेच दी गई।

- 21 जून 1969 : लुम्सडन ने विजय केन को चार बीघा जमीन और बेची।

- 15 सितंबर 1969 : 14 बीघा जमीन लुम्सडन ने एम बिम्बेट को बेची। इसी समय विजय केन ने भी अपने जमीन बिम्बेट को बेच दी।