कोलकाता : सेना और एनडीआरएफ की टीम पश्चिम बंगाल पहुंच गई है और वहां पर तूफान से तबाह हुए इलाकों में पुनर्निर्माण में जुट गई है।एम्फन तूफान की वजह से बुरी तरह तहस-नहस हुए बंगाल के बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए शनिवार को कोलकाता और उसके आस-पास के जिलों में सेना को तैनात किया गया है। एक रक्षा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सेना के 5 कॉलम को कोलकाता, पूर्व मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया है। राज्य के 4 हिस्सों में चक्रवात की वजह से सबसे अधिक नुकसान की खबर है।गैरतलब है कि सेना के एक कॉलम में 35 सैनिक होते हैं, जिनमें अधिकारी और जूनियर कमीशन अधिकारी शामिल हैं।

इससे पहले ममता बनर्जी सरकार ने शनिवार को केंद्र से सेना भेजने की अपील की थी। बंगाल के गृह विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। राज्य में चक्रवात से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। यहां रेलवे, पोर्ट, बिजली और टेलिफोन लाइनों सहित सबकुछ तहस-नहस हो गया है। राज्य में इन्हें ठीक करने की कोशिशों में मदद के लिए सेना की सहायता मांगी है।

गृह विभाग ने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट कर बताया कि लॉकडाउन की पाबंदियों के बावजूद राज्य ने ज्यादातर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है, लेकिन इस समय उसको और मदद की जरूरत है। दरअसल तूफान के थमने के तीन दिन बाद भी कोलकाता सहित विभिन्न जिलों में बिजली-पानी की आपूर्तिं सुचारू नहीं होने और राहत कार्य शुरू नहीं होने को लेकर हर तरफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। ऐसे में हालात को बेकाबू होता देखकर मुख्यमंत्री ने शनिवार को चक्रवात से प्रभावित इलाकों में आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए सेना, रेलवे और पोर्ट ट्रस्ट और एनडीआरएफ से मदद मांगी है। सरकार ने निजी संस्थाओं से भी इस उद्देश्य के लिए कर्मिंयों और उपकरण उपलब्ध कराने की अपील की है। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम कोलकाता में पेड़ों को हटाने में जुट गई। वहीं, सेना ने भी कार्य शुरू कर दिया है। विभिन्न विभागों और निकायों के 1000 से ज्यादा दल गिरे हुए पेड़ों को काटने और हटाने में लगे हुए हैं जो मुहल्लों में बिजली की आपूर्तिं बहाल करने के लिए अहम है।

सीएम ममता ने कहा कि फणि तूफान के समय बंगाल ने ओडिशा की मदद की थी। अब ओडिशा से इस समय मदद मांगी गई है। साथ ही झारखंड से भी टीम मांगी गई है। इस पर ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने कहा कि बंगाल में राहत कार्य में ओडिशा भी मदद करेगा। उन्होंने बताया, "ओडिशा सरकार ने बंगाल में गिरे पेड़ों को हटाने, रोड क्लियर करने और अन्य राहत कार्य के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड ऐक्शन फोर्स के 500 जवान और फायर डिपार्टमेंट के 500 कर्मी भेजने का फैसला लिया है।"

चक्रवात एम्फन की वजह से हुए नुकसान को देखते हुए राहत कार्यों के लिए केंद्र ने शनिवार को बंगाल के लिए 1000 करोड़ और ओडिशा के लिए 500 करोड़ रुपये राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन कोष (एनडीआरएमएफ) से जारी किएहैं। इस बीच, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से राज्य सरकार के खाते में राशि तुरंत जमा करने का निवेदन किया गया है। इस आदेश में कहा गया है कि यह राशि बंगाल सरकार को गृह मंत्रालय की सिफारिश पर "खाता आधार पर" जारी की जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के चक्रवात प्रभावित कुछ जिलों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद पश्चिम बंगाल के लिए 1,000 करोड़ रुपये और मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की राहत राशि की घोषणा की थी।

Posted By: Yogendra Sharma

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