SC Judgements: गणतंत्र दिवस पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक शानदार तोहफा दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट अपने 1000 से अधिक अहम फैसले विभिन्न भाषाओं में जारी करेगा। इससे स्थानीय लोगों को अपनी भाषा में इन फैसलों को पढ़ने का मौका मिलेगा। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने बुधवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट्स (E-SCR) परियोजना, गणतंत्र दिवस से संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज भाषाओं में कोर्ट के फैसलों तक पहुंच मुहैया कराना शुरू कर देगी। सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुवाद का काम भी तेजी से हो रहा है। जल्द ही ये फैसले उड़िया, असमिया, खासी, गारो, पंजाबी, नेपाली और बंगाली में उपलब्ध होंगे।

स्थानीय भाषाओं में फैसले

सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने वकीलों से कहा कि शीर्ष अदालत गुरुवार को ई-एससीआर परियोजना के एक हिस्से का क्रियान्वयन शुरू करेगी, जिसके तहत अनुसूची में दर्ज कुछ स्थानीय भाषाओं में फैसलों तक नि:शुल्क पहुंच उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि ई-एससीआर के अलावा, अब हमारे पास स्थानीय भाषाओं में सुप्रीम कोर्ट के 1091 फैसले भी हैं, जो गणतंत्र दिवस पर उपलब्ध होंगे। शीर्ष अदालत के फैसले सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट, उसके मोबाइल ऐप और राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (एनजेडीजे) के निर्णय पोर्टल पर उपलब्ध होंगे।

आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएं

आपको बता दें कि संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएं हैं। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, बोडो, संथाली, मैथिली और डोगरी शामिल हैं। जल्द ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले इन सभी भाषाओं में उपलब्ध होंगे।

पीएम मोदी ने की थी तारीफ

इससे पहले सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि हमारा उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट की कॉपियों को, हर भारतीय की भाषा में उस तक पहुंचाना है। पीएम नरेंद्र मोदी ने सीजेआई के इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा था कि यह बहुत ही प्रशंसनीय विचार है।

Posted By: Shailendra Kumar

  • Font Size
  • Close