श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की सियासत में दखल रखने वाले डॉ. फारूक अब्दुल्ला को सोमवार को बकरीद पर मस्जिद जाने की इजाजत नहीं मिली। 3 बार सूबे के सीएम रह श्रीनगर के सांसद फारूक अब्दुल्ला एहतियातन घर में ही नजरबंद हैं। उनके बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भाई मुस्तफा कमाल, बहन साफिया और भांजा मुजफ्फर शाह सभी पुलिस हिरासत में अलग-अलग स्थानों पर बंद हैं।

खबर है कि सोमवार को बकरीद के मौके पर नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने अपने एक रिश्तेदार के जरिये स्थानि प्रशासन को संदेश भेजा कि उन्हें नमाज-ए-ईद के लिए सईद साहब की जियारतगाह में जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने यकीन दिलाया कि वह वहां कोई भाषण नहीं करेंगे। किसी से कोई बात भी नहीं करेंगे। लेकिन अधिकारियों ने उनका आग्रह ठुकरा दिया। आखिरकार उन्हें अपने घर पुलिस की नजरबंदी में अकेले ही नमाज-ए-ईद अदा करना पड़ी। उन्हें बेटे उमर अब्दुल्ला और भाई मुस्तफा कमाल से फोन पर बात करने का भी मौका नहीं दिया गया।

हो सकता था हंगामा

फारूख के मुद्दे पर यह फैसला लेने वाले अधिकारियों का कहना है कि उनको मस्जिद में जाने दिया जाता तो हंगामा हो सकता था। शरारती तत्व उनकी जान के लिए संकट पैदा कर सकते थे। सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें इजाजत नहीं दी गई। पुलिस के आलाधिकारियों ने कहा कि सेंतूर होटल में कुछ सियासी नेताओं को एहतियातन हिरासत में रखा है, नमाज-ए-ईद के लिए मौलवी भी उपलब्ध करवाया गया था।

Posted By: Arvind Dubey