नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को विभाजित करने वाले विधान में कुछ शब्दों से 'आइ' हटाया गया है और अतिरिक्त 'टी' जोड़ा गया है। इसके साथ ही 1909 को अब 1951 किया गया है। सरकार ने इस विधान में 50 से ज्यादा चूकों को दुरुस्त किया है। पिछले महीने विपक्षी ने सरकार पर इसे अफरा-तफरी में लाने का आरोप लगाया था। एक महीने से ज्यादा समय बाद गुरुवार को सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में तीन पृष्ठों का शुद्धि पत्र जारी किया।

अब तक यह हुआ

संसद ने सात अगस्त को विधान पारित किया और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मंजूरी की मुहर लगने के बाद नौ अगस्त को गजट अधिसूचना जारी की गई। अधिनियम में जम्मू-कश्मीर के संसदीय चुनाव क्षेत्रों के परिसीमन का उल्लेख किया गया था। शुद्धि पत्र में कहा गया है कि अब यह वाक्य हटा लिया गया है।

अब आगे यह होगा

अधिनियम में एडमिनिस्ट्रेटर को एडमिन्सट्रेटर, आर्टिकल को आर्टकल किया गया है। इसके अलाव अन्य कई शब्दों में बदलाव किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को अधिसूचित करते समय सरकार ने 52 गलतियां की थीं उनमें ये कुछ नमूने हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस शुद्धि पत्र से सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में अनियमितता को सही किया है।