Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot: राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और आने वाले दिनों में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा भी यहां पहुंचने वाली है, लेकिन इससे पहले प्रदेश कांग्रेस की पुरानी फूट एक बार फिर उजागर हो गई है। यह मामला है अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट का। अब दोनों नेता खुलकर एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने लगे हैं। ताजा विवाद की शुरुआत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान से हुई, जिसमें उन्होंने सचिन पायलट पर निशाना साधा। अशोक गहलोत ने कहा, सचिन पायलट गद्दार हैं और विधायक उन्हें कभी भी मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। पढ़िए पूरी बयानबाजी

Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot: latest Update

भाजपा ने जल्द चुनाव कराने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर ने ट्वीट किया, राजस्थान में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के आगमन से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कर कमलों से 'कांग्रेस तोड़ो यात्रा' का विधिवत शुभारम्भ कर दिया है। 4 साल से चल रही मुख्यमंत्री की कुर्सी की लड़ाई का अंत सरकार की विदाई के साथ ही खत्म होगा।

वहीं राज्यवर्धन सिंह राठौर ने ट्वीट किया, राजस्थान में सरकार के नाम पर मजाक चल रहा है। आज गहलोत जी और पायलट खेमे के बीच जिस प्रकार फिर दुश्मनी सामने आ गई है, उससे साफ है कि किसी गुट के पास पर्याप्त विधायक नहीं है। यह सरकार अल्पमत में है और इसलिए असंवैधानिक भी है। गहलोत सरकार को इस्तीफा देकर चुनाव की अनुशंसा करनी चाहिए। 4-4 खेमों में बंटी कांग्रेस के 92 विधायक पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफों पर स्थिति साफ करनी चाहिए। वैसे भी इस सरकार में न इनकी पार्टी के विधायकों का विश्वास बचा है, न जनता का। फ्लोर टेस्ट के बिना इन्हें एक मिनट भी सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

गहलोत और पायलट की बयानबाजी के बीच राजस्थान कैबिनेट में मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा है कि कांग्रेस के 80 फीसदी विधायक सचिन पायलट के साथ हैं। ऐसा नहीं हुआ तो हम दावा छोड़ देंगे। अशोक गहलोत इसलिए बने हुए हैं, क्योंकि उन पर पार्टी आलाकमान का हाथ है। इसीलिए वो सचिन पायलट को निकम्मा, गद्दार कहते रहते हैं। राजस्थान की भलाई इसी में है कि सचिन पायलट को सीएम बनाया जाए।

अशोक गहलोत ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘राजस्थान के विधायक कभी उसे स्वीकार नहीं करेंगे, जिसने बगावत की हो और जिसे गद्दार कहा गया हो। वो भला मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है? विधायक ऐसे आदमी को मुख्यमंत्री कैसे स्वीकार करेंगे? मेरे पास सबूत हैं कि कांग्रेस सरकार गिराने के लिए गुरुग्राम के रिसॉर्ट में ठहरे विधायकों को 10-10 करोड़ रुपये दिये गये थे।’

गहलोत ने आगे कहा, ऐसा उदाहरण कहीं देखने को नहीं मिलेगा, जहां प्रदेश में पार्टी का अध्यक्ष वहां की सरकार को गिराने की कोशिश कर रहा हो और जिसे प्रदेश अध्यक्ष तथा उप मुख्यमंत्री दोनों पद गंवाने पड़े हों। सचिन पायलट ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। उन्होंने कहा, गहलोत जैसे कद वाले नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता। इस तरह कीचड़ उछालने से कुछ हासिल नहीं होगा और कांग्रेस में सभी की जिम्मेदारी राजस्थान में फिर से पार्टी की सरकार लाने के लिए संगठन को मजबूत करने की है। मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के साथ पैदल चलने वाले पायलट ने कहा कि वह कभी इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं करते।

Posted By: Arvind Dubey

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