नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका से 72,400 असाल्ट राइफलें खरीदने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। करीब 700 करोड़ रुपये में ये राइफलें खरीदी जाएंगी। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अमेरिका और कई यूरोपीय देशों की सेना इस राइफल का इस्तेमाल करती हैं। अधिकारियों ने बताया कि भारत ने फास्ट ट्रैक खरीद प्रक्रिया के तहत अमेरिका से सिग सौयर असाल्ट राइफलें ख्ररीदने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।

अनुबंध के मुताबिक आज की तारीख से एक साल के भीतर अमेरिका की सिग सौयर कंपनी 7.62 एमएम की 72,400 राइफलें देगी। इन राइफलों के मिलने से भारतीय सेना की ताकत और बढ़ जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अभी भारतीय सेना के पास 5.56 गुणा 45 एमएम इंसास राइफलें हैं। इन्हें आधुनिक और उन्नत तकनीक वाली 7.62 गुणा 51 एमएम राइफल से बदलना आवश्यक हो गया था। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसी महीने सिग सौयर राइफलों की खरीद की मंजूरी दी थी।

चीन से लगती 3,600 किलोमीटर की लंबी सीमा पर तैनात जवान इस राइफल का इस्तेमाल करेंगे। अक्टूबर, 2017 में सेना ने 7 लाख राइफल, 44, 000 लाइट मशीन गन और 44,600 कार्बाइन की खरीद की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन त्वरित प्रक्रिया के तहत सीमित संख्या में खरीदी जा रही सिग सौयर राइफल में से सेना को 66,400 राइफलें ही मिलेंगी। नौसेना को दो हजार और वायु सेना को चार हजार राइफलें दी जाएंगी।

ईशापुर की राइफलों को सेना ने किया था खारिज

सेना ने करीब डेढ़ साल पहले ईशापुर स्थिति सरकारी राइफल फैक्ट्री में निर्मित असाल्ट राइफलों को खारिज कर दिया था। परीक्षण में ये राइफलें फेल हो गई थीं। इसके बाद सेना ने वैश्विक बाजार से राइफल खरीद की संभावना तलाशनी शुुरू की थी।