पणजी। भारत की स्वदेशी मिसाइल अस्त्र का शुक्रवार को लड़ाकू विमान सुखोई-30 से सफल परीक्षण किया गया।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि देखने की सीमा से परे यानी बियोंड विजुअल रेंज (बीवीआर) मिसाइल अस्त्र हवा से हवा में मार करने वाली पहली स्वदेशी मिसाइल है जिसका परीक्षण गोवा स्थित नौसेना के रेंज से दूर किया गया जो छह किलोमीटर ऊंचाई से अधिक तक गया।

बयान में कहा गया है कि यह एक नियंत्रित एवं मार्गदर्शित परीक्षण था जिसने बहुत दूरी पर इलेक्ट्रानिक तरीके से बने नकली लक्ष्य को सफलता पूर्वक भेदने का काम किया। डीआरडीओ के प्रवक्ता ने कहा कि इससे पहले नौ जून को इस मिसाइल के एयरोडायनेमिक्स गुणों के प्रदर्शन के लिए परीक्षण किया गया था।

दोनों परीक्षणों ने एक हथियार प्रणाली के रूप में अस्त्र के बार-बार इस्तेमाल, मजबूती और स्थायित्व का प्रदर्शन किया। अस्त्र से जुड़ी टीम को बधाई देते हुए डीआरडीओ के मुखिया अविनास चंदर ने इसे विकसित करने और परीक्षण की सफलता का श्रेय डीआरडीओ और भारतीय वायुसेना के एक साथ टीम के रूप में काम करने को दिया।

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