अगस्‍त में शानदार और मनमोहक नज़ारों से भरपूर कई खगोलीय घटनाएं होंगी। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के खगोल विज्ञानी डॉ. शशिभूषण पांडे के अनुसार, ये सभी घटनाएं नग्न आंखों से देखी जा सकेंगी। खास बात यह है कि इन्‍हें बिना किसी टेलीस्‍कोप के पृथ्‍वी से सीधे ही देखा जा सकेगा। इन घटनाओं में उल्‍कापिंडों की आतिशी, चमकदार बारिश से लेकर चंद्रमा के साथ तीन ग्रहों का मिलन आदि शामिल है। मुख्‍य घटनाएं 9, 11, 13, 15, 17 और 29 अगस्‍त को होंगी। पहली घटना 9 अगस्‍त को शुरू होगी और आखिरी घटना 29 अगस्‍त को होगी। महीने के आखिरी दिन भी जमकर उल्‍काएं बरसेंगी। मानसूनी सीजन होने के कारण मौसम का खलल बनेगा, लेकिन जब बादल छटेंगे तो मनमोहक नजारे हमारे सामने होंगे। खगोलीय घटनाओं के लिहाज से अगस्त महीना हसीन रहने वाला है। आसमान से एक तरफ मानसूनी बरसात होगी तो दूसरी तरफ उल्काओं की चमकदार बारिश भी देखने को मिलेगी। चंद्रमा के साथ गुरु, शुक्र का मिलन भी सुकून देने वाला होगा। किस तारीख को कौन सी घटना होगी, यहां जानिये पूरा कैलेंडर।

मंगल, गुरु और शुक्र आएंगे चांद के करीब

चांद से ग्रहों के मिलन की पहली घटना 9 अगस्त, संडे को होगी, जब लाल ग्रह मंगल इसके करीब आएगा। पूरी रात दोनों ग्रह एक-दूसरे के साथ सफर करेंगे। मिलन की दूसरी घटना 15 अगस्त, शनिवार को होगी, जिसमें चांद के साथ शुक्र सफर तय करेगा। ग्रहों के मिलन की इस माह आखिरी घटना 29 अगस्त, शनिवार को होगी। इसमें गुरु दूसरी बार चंद्रमा के साथ नजर आएगा।

क्‍या होती है उल्‍का की बारिश

उल्का पिंडों की बारिश तब होती है, जब अंतरिक्ष-जनित मलबे के एक फैलाव में धरती प्रवेश करती है। यह मलबा आमतौर पर किसी बड़े धूमकेतु Comet या क्षुद्रग्रह Asteroid का टुकड़ा होता है। उल्‍का की बारिश उस घटना को कहते हैं जब प्रति घंटे एक दर्जन उल्का पिंड और कुल मिलाकर 50 या उससे अधिक उल्का पिंड धरती के वायुमंडल में प्रवेश करते समय जलने लगते हैं। यह दृश्‍य देखने लायक होता है।

समां बांध देंगी उल्‍काओं की आतिशबाजी

इस माह उल्कावृष्टि यानि आसमानी आतिशबाजी की भी तीन घटनाएं होंगी। पहली आतिशबाजी 11 से 13 अगस्त यानी मंगलवार, बुधवार और गुरुवार के बीच होगी। उत्तर-पश्चिम दिशा में देखी जाने वाली आसमानी आतिशबाजी में एक घंटे के दौरान 40 से 50 जलती उल्काओं को देखे जाने का अनुमान वैज्ञानिकों ने लगाया है। आधी रात से भोर होने के पहले तक इस घटना को देखा जा सकेगा। इसके बाद 17 अगस्त,सोमवार को यह नजारा दिखेगा। इस उल्कावृष्टि में उल्काओं की संख्या बहुत कम नजर आएगी। इस माह के आखिरी दिन भी उल्कावृष्टि होगी। इसमें छह उल्काओं को देखा जा सकेगा।

Posted By: Navodit Saktawat

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