आगरा। इंटरनेट बच्चों को बिगाड़ रहा है। इसके जरिये वो अपनी पढ़ाई और सुधारने के बजाय सेक्स कंटेंट कंज्यूम करने लगे हैं। एकल परिवार में यह समस्या बढ़ी है। 14 साल की उम्र में ही वे सेक्स के बारे में काफी कुछ जानने समझने लगे हैं। विशेषज्ञ इसे बहुत हानिकारक मान रहे हैं।

59वीं आइकोग के समापन पर कलाकृति मैदान में "सेक्स एजुकेशन इन इंडिया नीड ऑफ द ऑवर" पर डिस्कशन हुआ। विशेषज्ञों का कहना था कि सेक्स की उम्र में 2014 तक बहुत बदलाव हुआ है। संयुक्त परिवार की जगह एकल परिवार हैं। परिजन बच्चों को लैपटॉप दिला रहे हैं, लेकिन उनके पास उनसे बात करने का समय नहीं है। ऐसे में बच्चे अपनी भावनाएं शेयर नहीं कर पाते और इसी उम्र में उनमें हॉर्मोनल बदलाव होता है।

ऐसे में बच्चे इंटरनेट पर सेक्स के बारे में जानकारी लेते हैं। पैनल डिस्कशन में सामने आया कि सेक्स संबंधी आधी-अधूरी जानकारी घातक हो रही है। इसके लिए जरूरी है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ और शिक्षक इस उम्र के बच्चों को सही राह दिखाएं। इसके लिए एडोलसेंट एजुकेशन के लिए हेल्थ प्रोग्राम चलाए जाने चाहिए।

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