अयोध्या। विवादित जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अयोध्या में शनिवार को राहत महसूस की गई। वैसे तो ऐहतियात के तौर पर शहर की गलियों और सड़कों पर पुलिस की बैरीकेडिंग बदस्तूर जारी रही लेकिन फैसले के बाद शहर में गतिविधियां सामान्य दिखीं। सभी बाजार तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान मुस्लिम इलाकों में भी खुले रहे। राम लला के दर्शन का सिलसिला भी शांतिपूर्ण ढंग से बदस्तूर जारी रहा।

शीर्ष अदालत जिस समय अपना फैसला सुना रही थी, उस दौरान शहर में लगभग सन्‍नाटा छाया रहा और लोग अपने घरों में टेलीविजन से चिपके रहे। लेकिन फैसले के बाद कुछ जगहों पर लोगों ने 'जय श्री राम" का नारा लगाते हुए पटाखे फोड़े।

हालांकि टेलरिंग की दुकान चलाने वाले मोहम्मद साजिद ने फैसले को 'अधूरा" बताया। जबकि दर्शन करने पहुंचे भरत सिंह ने नम आंखों से कहा- 'मैं (फैसले से) अभिभूत हूं। ऐसा लगता है कि सपना पूरा हो गया है। मैं खुद को धन्य मानता हूं।"

मुंबई के श्रीनारायण शुक्ला तथा मुरादाबाद के कारोबारी मनीष गुप्ता भी माथे पर चंदन तिलक लगाकर अपनी खुशी का इजहार करते दिखे। हनुमानगढ़ी इलाके में कुछ युवाओं ने 'जय श्री राम" के नारे लगाए।

फैसले के तुरंत बाद लोगों में मिठाई बांटते रमेश दास ने कहा- 'पांच सौ साल की दासता समाप्त हुई। मुझे इसकी अपेक्षा नहीं थी।" हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत संजय दास भी खुशी में पटाखे फोड़ते देखे गए।

एक मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कहा- 'मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। यह बहुत ही अच्छा फैसला है और मैं सुप्रीम कोर्ट तथा प्रधान न्यायाधीश को बधाई देना चाहता हूं।"

फैसले के बाद नया घाट पर भी पूजन सामग्रियों के दुकानों पर श्रद्धालुओं को सामान्य रूप में देखा गया। यहां कुछ विदेशी सैलानी भी थे। खान-पान की दुकानों पर भी लोग खुशी में नारेबाजी करते तथा फैसले पर चर्चा करते दिखे।

Posted By: Navodit Saktawat