जयपुर। राजस्थान के गुर्जरों ने अब एक नई मांग उठाई है। इनकी मांग है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट में गुर्जर समाज की भागीदारी भी होनी चाहिए। इस मांग के पीछे उनका तर्क है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार पूर्व में राम मंदिर का निर्माण गुर्जर प्रतिहार वंश के राजाओ ने कराया था। ऐसे में अब जो मंदिर बने उसमें गुर्जर समाज की भागीदारी भी होनी चाहिए। राजस्थान में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता रहे गुर्जर नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने सोमवार को एक बयान जारी कर यह मांग उठाई है। उनका कहना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने विवादित स्थल की खुदाई कराई थी। इस खुदाई में यहां राम मंदिर होने के अवशेष मिले है और विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस मंदिर का निर्माण गुर्जर प्रतिहार वंश के राजाओ ने कराया था। विभाग के पूर्व निदेशक के.के. मोहम्मद ने इस बारे में कोर्ट में हलफनामा दिया है। हिम्मत सिंह ने कहा कि गुर्जर समाज गुर्जर प्रतिहार वंश का ही वंशज है। अब जब नए सिरे से मंदिर बन रहा है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसके लिए एक ट्रस्ट का गठन किया जाना है तो हमें गुर्जर प्रतिहार वंश का वंशज होने के नाते इस ट्रस्ट में भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा िकइस बारे में उन्होंने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों में रह रहे गुर्जर समाज के लोगोें से भी बात की है और सभी ने इस मांग का समर्थन किया है। गुर्जर मुस्लिम भी इस मामले में हमारे साथ है। हिम्मत सिंह ने कहा कि इसमांग को लेकर राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा सहित देश भर के गुर्जर समाज के प्रतिनिधि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। हिम्मत सिंह ने कहा कि यह हमारा स्वाभाविक हक है और सरकार को हमारी मांग माननी चाहिए।

Posted By: Navodit Saktawat