अयोध्या। रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के लिए बुधवार का दिन कई मायनों में अहम रहा। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने यह कहकर रामनगरी को चहकने का मौका दे दिया कि सालों से चले आ रही इस मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी। इसके साथ ही फैसले की उम्मीद भी जगने लगी है। निर्मोही अखाड़ा के वकील तरुणजीत वर्मा का कहना है कि, उम्मीद है कि फैसला नवंबर के पहले हफ्ते में आ जाए। पढ़िए प्रतिक्रियाएं -

  • रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास करते हैं, समाधान की उम्मीद आनंददायक है। लगता है कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहां से भव्य मंदिर निर्माण की शुरुआत होगी।
  • बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब के मुताबिक, मंदिर-मस्जिद का मसला हल हो, इससे बेहतर कुछ भी नहीं है। लंबे समय से पूरे देश को इसका इंतजार है और इसी के साथ मुल्क में अमन-चैन के साथ तरक्की का रास्ता साफ होगा।
  • गुरुद्वारा ब्रह्माकुंड के प्रबंधन से जुड़े चरनजीत सिंह पुष्टि के लिए साथियों से पूछ ररहे हैं कि मंदिर तो अब बन जाएगा।
  • आध्यात्मिक गुरु जय सिंह चौहान कहते हैं, मंदिर बनेगा यह तो निर्णय आने के बाद पता लगेगा पर यह तय हो गया है कि निर्णय आने में अधिक दिन नहीं है।
  • बिड़ला धर्मशाला के प्रबंधक पवन सिह 491 वर्ष पुराने विवाद के पटाक्षेप का प्रत्यक्षदर्शी होने की परिकल्पना से खुश हैं।