नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में देश के सबसे पुराने मामले Ayodhya Land Dispute Case की सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने पहले तय किए अपने 5 बजे के समय से एक घंटा पहले ही सुनवाई पूरी कर ली है। इसके बाद अब इस मामले में सबकी नजरें कोर्ट के फैसले पर टिक गई हैं। जहां एक तरफ मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है वहीं दूसरी तरफ अयोध्या में सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों की छुट्टियां भी कैंसल कर दी गई हैं। सरकार जहां इस मामले में ज्यादा सतर्कता बरत रही है वहीं दूसरी तरफ न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NABA) ने पूरे मामले को लेकर मीडिया में हो रहे और होने वाले कवरेज को लेकर गाइडनाइन्स जारी कर दी हैं। ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी ने साफ कहा है कि कवरेज के समय न्यूज चैनल्स, न्यूज पेपर्स और डिजिटल मीडिया कुछ बातों का विशेष ध्यान रखे।

अपनी गाइडलाइन में NABA ने कहा है कि मीडिया, कोर्ट प्रोसिडिंग को लेकर कोई भी कयास ना लगाए। वहीं सुनवाई से जुड़े फैक्ट्स का पहले पता लगाएं। किसी भी तरह के कवरेज या खबर में मस्जिद विध्वंस की तस्वीरों का उपयोग कतई ना करें। इसके अलावा किसी भी तरह के जश्न की तस्वीरें और वीडियो प्रसारित ना करें। इसके साथ ही टीवी पर डिबेट्स के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोई भी अत्यधिक उग्र विचारों को प्रसारित ना करें।

जहां एक तरफ न्यूज चैनल्स और मीडिया के लिए एडवायजरी जारी कर दी गई है वहीं दूसरी तरफ आने वाले त्योहारों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। माना जा रहा है कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले के संभावित फैसले से भी प्रभावित हो सकता है। हालांकि, राज्य सरकार ने जो आदेश जारी किया है उसमें केवल त्योहारों का ही जिक्र है क्योंकि दिवाली पर अयोध्या में भव्य आयोजन होना है।

आदेश में लिखा गया है कि आने वाली 30 नवंबर तक के लिए फील्ड पर तैनात किसी भी अधिकारी को अत्यधिक अपरिहार्य परिस्थिति को छोड़कर किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत ना किया जाए।

Posted By: Ajay Barve