नई दिल्‍ली। Ayodhya case : सुप्रीम कोर्ट में अयोध्‍या मामले की सुनवाई का एक और दौर सोमवार को चला। इसमें राम जन्‍मभूमि पर मस्जिद होने का दावा करने वाले मुस्लिम पक्ष ने जो दलीलें पेश कीं, उन पर शीर्ष न्‍यायालय ने सवाल उठाया है। कोर्ट ने इस पक्ष से यह पूछा कि यदि इस स्‍थान पर हिंदुओं को आराधना करने का अधिकार प्राप्‍त था तो क्‍या ऐसे में मुस्लिमों का वह दावा निर्बल साबित नहीं हो जाता जिसमें कि वे इस स्‍थान को स्‍वयं का होने का एकाधिकार जताते आए हैं। अदालत ने उनसे कई सवाल पूछे। इस पर मुस्लिम पक्ष के अभिभाषक राजीव धवन थोड़े असहज हो गए और उल्‍टा बोल पड़े कि न्‍यायालय केवल उनसे ही क्‍यों प्रश्‍न पूछता है।

आज हिंदू पक्ष देगा दलीलों का जवाब

सोमवार को इस मामले में वक्‍फ बोर्ड ने उनके द्वारा दायर अपील पर बहस खत्‍म कर ली। अब आज मंगलवार को हिंदू पक्ष की बारी है कि वे उनकी दलीलों का जवाब दें। सीजेआई ने यह भी कहा कि बुधवार तक सुनवाई पूरी की जा सकती है लेकिन बुधवार तक ऐसा होना संभव नहीं दिख रहा है क्‍योंकि जब हिंदू पक्ष जवाब दे चुका होगा, उसके बाद अदालत को वैकल्पिक मांग पर भी सुनवाई करना है।

वकील ने जताई खुदाई पर आपत्ति

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि साढ़े चार सौ साल पहले बनी मस्जिद के नीचे की जगह पर खुदाई करके यह मालूम करना कि वहां क्‍या था, उचित नहीं है। उन्‍होंने 6 दिसंबर, 1992 की घटना की भी निंदा की जिसमें ढांचा ढहाया गया था। धवन ने यह भी कहा कि निर्मोही अखाड़े का अधिकार क्षेत्र केवल पूजा-अर्चना करने तक ही था, उस जगह मुस्लिमों का मालिकाना हक भी भी खत्‍म नहीं हुआ था।

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Posted By: Navodit Saktawat