नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में चल रही देश के सबसे पुराने मुद्दे पर सुनवाई अब 17 अक्टूबर की बजाय 16 अक्टूबर को ही पूरी हो जाएगी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने यह फैसला लिया है। पीठ की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस ने बुधवार को हिंदू पक्ष की सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में सुनवाई का आज 39वां दिन है और कल 40वां जो कि सुनवाई के लिए अंतिम दिन होगा। चीफ जस्टिस के इस ऐलान के बाद अछानक से हलचल बढ़ गई है। पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की सुनवाई 17 अक्टूबर तक पूरी करने के निर्देश दिए थे ताकि फैसला लिखने के लिए वक्त मिल सके।

बता दें कि यह अयोध्या मामले में सुनवाई का अंतिम चरण है और सोमवार को मुस्लिम पक्ष की दलीलों के बाद आज हिंदू पक्ष की दलीलें सुनी जा रही हैं। अपना पक्ष रखते हुए हिंदू पक्ष के वकील परासरन ने कोर्ट में दलील दी कि बाबर आक्रमणकारी बनकर भारत आया था और बाहर से आए किसी व्यक्ति को मालिकाना हक नहीं मिल सकता।

सोमवार को सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील ने कोर्ट में आरोप लगाया कि केवल उनसे ही सवाल किए जाते हैं हिंदू पक्ष से नहीं। इस दौरान उन्होंने कहा था कि, हिंदुओं को सिर्फ अंदर प्रवेश करने और स्थल पर पूजा अर्चना करने का "निर्देशात्मक अधिकार" था। इसका यह मतलब नहीं है कि विवादित संपत्ति पर उनका मालिकाना हक था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि जैसा कि आपने कहा उनके पास प्रवेश और पूजा का अधिकार था, क्या यह आपके मालिकाना अधिकार को कमतर नहीं करता? कोर्ट ने कहा कि किसी संपत्ति का पूर्ण स्वामित्व होने पर क्या किसी तीसरे पक्ष को प्रवेश और पूजा-अर्चना का अधिकार दिया जा सकता है?

अयोध्या में बढ़ाई सुरक्षा

राम जन्मभूमि मामले में सुनवाई पूरी होने को है और इसे देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां धारा 144 लागू करने के साथ ही सुरक्षा भी बढ़ाई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले अयोध्या व आसपास के जिलों की सीमाओं पर पहरा कड़ा कर दिया जाएगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती दीपोत्सव के दृष्टिगत की जा रही है।

Posted By: Ajay Barve