Ayodhya Ram Mandir Nirman : अयोध्या में प्रभुश्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम बीती 5 अगस्त को सम्पन्न हो गया। अब सभी का इस बात की प्रतीक्षा है कि मंदिर का निर्मा ण कार्य कब शुरू होगा। ताजा खबर यह है कि मंदिर निर्माण का काम इसी महीन के आखिरी में शुरू हो जाएगा। एक सप्ताह में फाइनल प्रस्तावित नींव की डिजाइन फाइनल हो जाएंगी और 10 दिन बाद से शिलाएं परिसर में पहुंचने लगेंगी। मंदिर निर्माण से जुड़ी एजेंसी लार्सन एंड टुब्रोने यह जानकारी दी है। वहीं तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर की नींव की मजबूती को लेकर बहुत सजग है। जिस नींव पर भव्य, ऐतिहासिक और लाखों टन पत्थरों का भार रखना है और उसे कालजयी भी बनाना है। पढ़िए अयोध्या से रमाशरण अवस्थी की रिपोर्ट

मिसाल होगी नींव की मजबूती : श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, इस मंदिर की नींव मजबूती की मिसाल होगी और उसे नदियों के बड़े-बड़े पुलों में ढलने वाले स्तंभ की तरह पुख्ता बनाया जाएगा। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर बनाने में काम आने होने वाले पत्थरों को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में लाने की तैयारी पूरी कर ली है।

बता दें, 3 दशक से पत्थर तराशने का काम चल रहा था और अन्य तैयारियां भी युद्ध स्तर पर हो रही थीं, लेकिन मंदिर के आकार में वृद्धि के कारण यह तैयारी कम पड़ गई है। इससे पहले मंदिर में पौने दो लाख घन फीट पत्थर प्रयुक्त होना था, लेकिन अब 4 लाख घन फीट पत्थर की जरूरत होगी। ऐसे में न केवल सवा दो लाख टन पत्थर लाने, बल्कि उसे प्रस्तावित मंदिर के अनुरूप ढालने का भी काम होना है।

प्रस्तावित मंदिर Vs पूर्व में प्रस्तावित मंदिर

भूमि पूजव से पहले योजना था कि मंदिर 268 फीट लंबा, 140 फीट चौड़ा एवं 128 फीट ऊंचा होगा। इसमें एक शिखर और दो उप शिखर थे। दो तल के इस मंदिर में प्रत्येक तल पर 106 के हिसाब से 212 स्तंभ प्रयुक्त होने थे। ताजा डिजाइन के अनुसार, मंदिर 360 फीट लंबा, 235 फीट चौड़ा एवं 161 फीट ऊंचा है। इसमें एक शिखर और छह उप शिखर हैं। यह तीन तल का है और प्रत्येक तल पर 106 स्तंभ के हिसाब से इसमें 318 स्तंभ हैं। नए डिजाइन के अनुसार नए सिरे से तैयारियां करना पड़ी रही हैं। इसलिए थोड़ा वक्त लग रहा है।

Posted By: Arvind Dubey