अयोध्या Ayodhya Ram Mandir । अयोध्या में राम मंदिर के साथ अब राष्ट्र मंदिर का भी निर्माण शुरू हो गया है। भूमि पूजन में जहां मस्जिद के पक्षकार रहे मो. इकबाल अंसारी को पहला निमंत्रण भेजा गया, वहीं भूमि पूजन करने के बाद पूजा का पहला प्रसाद अनुसूचित जाति के महावीर प्रसाद के घर तक पहुंचाया गया। अयोध्या नगर निगम के प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री के दूत के रूप में रामलला के प्रसाद स्वरूप लड्डू, रामचरितमानस की कॉपी और तुलसी माला महावीर प्रसाद के घर तक पहुंचाई।

अयोध्या में रामजन्मभूमि से ही लगे सुतहटी मुहल्ला के निवासी महावीर प्रसाद गत वर्ष लोकसभा चुनाव के दौरान भी चर्चा में रह चुके हैं, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव प्रचार करने से रोक दिया गया था। मौन की उस अवधि में अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री ने महावीर के घर भोजन कर समरसता का संदेश दिया था। अब भूमि पूजन के बाद रामलला का सबसे पहले प्रसाद पाकर महावीर फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने कहा, समाज के सभी वर्ग के लोगों को जोड़कर मंदिर का निर्माण बहुत सुखद हैं। इसी से समाज में आपसी प्रेम एवं विश्वास बढ़ेगा।

गौरतलब है कि 9 नवंबर 1989 को जब रामजन्मभूमि के ईशान कोण पर मंदिर का शिलान्यास किया गया था, तब मंदिर आंदोलन के चुनिंदा दिग्गजों के बीच बिहार के उत्साही युवा सामाजिक कार्यकर्ता कामेश्वर चौपाल से शिलान्यास कराया गया। मंदिर निर्माण के लिए गठित श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी शामिल किया गया।

ट्रस्ट सदस्य की भूमिका में चौपाल पूरे उत्साह से सक्रिय भी हैं। जहां तक मो. इकबाल का सवाल है, वह और उनके दिवंगत पिता मो.हाशिम अंसारी गत दशक से ही मस्जिद के पक्षकार होने के साथ सामाजिक एकता के दूत की तरह सक्रिय रहे हैं। गत वर्ष नौ नवंबर को रामलला के हक में फैसला आने पर इकबाल ने कहा था, जो भी फैसला आया, उसे स्वीकार कर मुल्क की मजबूती में लगना चाहिए और बुधवार को भूमि पूजन समारोह में शरीक हो इकबाल ने पुनः मुल्क की मजबूती का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी पा चुके हैं

करीब 70 वर्षीय महावीर राजगीर रहे हैं। एक दशक पूर्व सेहत खराब होने के बाद उनका काम प्रभावित हुआ। आर्थिंक संकट के बावजूद पक्के मकान की उनकी साध गत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरी हो सकी। गत वर्ष मुख्यमंत्री ने जब सामाजिक समरसता का संदेश देने के उद्देश्य से अयोध्या में अनुसूचित जाति के अति साधारण व्यक्ति के यहां भोजन करने की इच्छा जताई, तब महावीर का चुनाव किया गया।

Posted By: Sandeep Chourey

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