नई दिल्ली। वयोवद्ध भाजपा नेता और राम मंदिर आंदोलन के शिल्पकार रहे लालकृष्ण आडवाणी अयोध्या पर फैसले से भावविभोर हो गए। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, मैं खुद को दोषमुक्त और धन्य महसूस कर रहा हूं। देशवासियों की तरह पूरे दिल से खुशी महसूस कर रहा हूं। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से भव्य मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला दिया है। यह अवसर मेरे लिए मनोकामना पूर्ण होने जैसा है। 92 वर्षीय आडवाणी ने कहा कि ईश्वर ने उन्हें इसके जनांदोलन में किंचित योगदान का मौका दिया। यह आंदोलन आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंदोलन था। अब हमें इससे जुड़ी सारी कटुता छोड़कर शांति व सद्भाव कायम रखना है। आडवाणी ने कहा कि मैं अयोध्‍या मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की पाँच-सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा दिए गए ऐतिहासिक फैसले का तहे दिल से स्वागत करता हूं। यह मेरे लिए पूर्णता का क्षण है क्योंकि ईश्वर ने मुझे जन आंदोलन में अपना विनम्र योगदान देने का अवसर दिया था। यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के बाद सबसे बड़ा आंदोलन था। इसके परिणामस्‍वरूप ही सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला संभव हो पाया है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। फैसला भारत के सामाजिक तानेबाने को और मजबूत करेगा। मैं लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूं।

-राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री

सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी को स्वीकार करना चाहिए। यह समय देश में भाईचारा, विश्वास और प्रेम को बढ़ाने का है।

-राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

सभी पक्षों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। सद्भाव और भाईचारा से रहने की भारत की सदियों पुरानी परंपरा को बनाए रखना चाहिए।

-प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस महासचिव

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिंदू और मुस्लिम समुदायों को खुशी और राहत मिली है।

-श्रीश्री रविशंकर, आध्यात्मिक गुरु व सुप्रीम कोर्ट के मध्यस्थता पैनल के एक सदस्य

Posted By: Navodit Saktawat