नई दिल्ली। अयोध्या-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए हिंदुओं की तरफ से पक्षकार रामलला विराजमान को जमीन का मुख्य मालिक मानते हुए दूसरे पक्ष सुन्नी वफ्फ बोर्ड को अयोध्या में ही अलग से 5 एकड़ जमीन देने के निर्देश दिए हैं ताकि मुस्लिम पक्ष वहां अपनी मस्जिद बना सके। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद देश के सबसे महत्वपूर्ण मामले में विवाद सुलझ गया है और अब मुस्लिम पक्ष को भी मस्जिद के लिए जमीन दी जाएगी। कोर्ट के इस फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को जो भी जमीन मिलेगी उस पर मस्जिद बनाए जाने पर यह देश की सबसे बड़ी मस्जिद साबित होगी। फिलहाल देश की सबसे बड़ी मस्जिद भोपाल में स्थित है जिसका नाम ताज-उल-मस्जिद है।

नवाब शाह जहां बेगम ने रखी थी नींव

भोपाल की यह मस्जिद देश में सबसे बड़ी मस्जिद है। इसे ताज-उल-मस्जिद के नाम से जाना जाता है। इस मस्जिद का निर्माण बहादूर शाह जफर के शासन में नवाब सैयद सिद्दिकी हसन खान की पत्नी नवाब शाह जहां बेगम ने 1844-1860 और 1868-1901 में करवाया था। इस मस्जिद का निर्माण उनकी बेटी सुल्तान जहां बेगम ने जारी रखा। इस मस्जिद का निर्माण पैसे की वजह से पूरा नहीं हो पाया था और 1857 की क्रांति के बाद काफी समय तक रुका रहा था।

इसके बाद 1971 में आलम मोहम्मद इमरान खान नदवी अजहरी और मौलाना सैयद हशमत अली साहब ने शुरू किया। 1985 में इसका निर्माण पूरा हो गया। गुलाबी रंग की इस विशाल मस्जिद की दो सफेद गुंबदनुमा मीनारें हैं, जिन्‍हें मदरसे के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है। तीन दिन तक चलने वाली यहां की वार्षिक इजतिमा प्रार्थना भारत भर से लोगों का ध्‍यान खींचती है। इस मस्जिद को क्राउन ऑफ मस्जिद का खिताब भी मिला हुआ है।

और भी है बड़ी मस्जिदें

देश में भोपाल के अलावा भी कईं बड़ी मस्जिदें हैं जिनमें दिल्ली की जामा मस्जिद के बाद हैदराबाद की मक्का मस्जिद का नाम है। इसके बाद आगरा की जामा मस्जिद और फिर श्रीनगर की जामिया मस्जिद का नाम है।

Posted By: Ajay Barve