नई दिल्ली। आज अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में फैसला आ गया है और इस फैसले से ना किसी की जीत हुई है और ना किसी की हार। फैसले को लेकर कईं राज्यों में जमीनी सुरक्षा के साथ ही इंटरनेट पर भी सुरक्षा बढ़ाते हुए कड़ी नजर रखी जा रही है। शुक्रवार को जैसे ही खबर आई की सर्वोच्च न्यायालय आज इस केस में फैसला सुनाने जा रहा है और इसके बाद सोशल मीडिया में संदेशों की बाढ़ आ गई। हालांकि, अब तक संदेशो में जहां कुछ लोग शांति की अपील कर रहे हैं वहीं इस एतिहासिक फैसले के गवाह बनने पर खुद को भाग्यशाली मान रहे हैं। अयोध्या के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर खास नजर रखी जा रही है और थोड़ी सी चूक आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, सरकार ने सोशल मीडिया में आ रहे मैसेजेस पर नजर बनाए रखने के लिए मॉनिटरिंग टीम बनाई है जो इस बात पर नजर रख रही है। अगर आज आप भी सोशल मीडिया में कुछ भी पोस्ट करने वाले हैं तो संभलकर रहें क्योंकि आपकी एक छोटी सी गलती आपको जेल की हवा खिला सकती है। देश में सोशल मीडिया में भड़काऊ सामग्री डालने को लेकर विशेष नियम हैं और अयोध्या केस को लेकर यह और संवेदनशील हो जाता है।

व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेज सकता है जेल

अगर आप भी व्हाट्सएप पर कोई ग्रुप चलाते हैं और उसके एडमिन हैं तो संभलकर रहें क्योंकि ग्रुप में कोई भी भड़काऊ मैसेज आपको जेल भिजवा सकता है। आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत किसी भी व्हाट्सएप ग्रुप में धार्मिक और राजनीतिक भावनाएं भड़काने वाला मैसेज डाला जाता है तो उसके लिए ग्रुप एडमिन जिम्मेदार होगा।

अगर आप भी ग्रुप एडमिन है तो संभलकर रहें और अपने ग्रुप में होने वाली हर गतिविधी पर नजर रखें क्योंकि छोटी सी गलती आपको भारी पड़ सकती है।

अगर आप चाहें तो अपने ग्रुप में मैसेज पोस्ट करने के अधिकारों में भी बदलाव कर सकते हैं। इसके लिए व्हाट्सएप में एक विशेष फीचर दिया गया है जो किसी भी ग्रुप एडमिन को अपने ग्रुप में पोस्ट होने वाल मैसेजेस कंट्रोल करने की अनुमित देता है। इस फीचर की मदद से आप एडमिन यह तय कर सकता है कि उसके ग्रुप में कौन मैसेज कर सकता है और कौन नहीं। इसके लिए आपको सेटिंग में जाकर चुनना है कि मैसेज सभी मेंबर्स कर सकते हैं या सिर्फ ग्रुप एडमिन कर सकता है।

Posted By: Ajay Barve