Ayodhya Verdict 2019 : अयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आ गया है। अयोध्या की विवादित जमीन रामलला विराजमान की है और वहां राम मंदिर बनेगा। शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज कर दिया गया है और सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है। निर्मोही अखाड़े का दावा भी खारिज हुआ है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण के नियम बनाने का आदेश भी दिया है। जानिए उन चार तथ्यों के बारे में जिनके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विवादित जमीन रामलला की है और वहां मंदिर बनेगा। पढ़िए इन तीन आधारों के बारे में -

  • चीफ जस्टिस ने अपने फैसले में कहा कि मुस्लिम पक्ष यह साबित नहीं कर सकता कि विवादित स्थल पर 1528 से 1856 तक नमाज पढ़ी जाती थी।
  • 1934 में यहां सम्प्र्दायिक दंगा हुआ था, जिसके बाद अंग्रेजों ने हिंदुओं और मुस्लिमों को दूर रखने के लिए विवादित स्थल को रैलिंग से अलग-अलग कर दिया। इसके बाद हिंदू अंदर पूजा करने के बजाए बाहर चबूतरे पर पूजा करने लगे। इसी आधार पर मुस्लिम पक्ष ने मस्जिद होने का दावा किया था।
  • विवादित स्थल पर पहले राम मंदिर था, यह साबित होने में एएसआई की रिपोर्ट बहुत अहम रही। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की रिपोर्ट में कहा गया था कि विवादित स्थल पर पहले मंदिर था। मंदिर के अवशेषों के ऊपर ही मस्जिद बनाई गई थी।
  • इसके साथ ही ट्रेवलर्स के कमेंट को भी अहम माना गया। इन ट्रेवलर्स ने लिखा था कि विवादित स्थल पर मंदिर था।

Posted By: Arvind Dubey