नई दिल्ली। अयोध्या में जमीन विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुना दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय बेंच ने रामलला के हक में विवादित जमीन का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूरी 2.7 एकड़ की विवादित जमीन को रामलला की बताया है। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष को विकल्प के तौर पर 5 एकड़ जमीन दिए जाने का कहा गया है। इस ऐतिहासिक फैसले के सामने आने के बाद जहां राजनीतिक दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आईं इस बीच बीजेपी नेता उमा भारती पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी से मिलने उनके घर पहुंची। मीडिया से चर्चा करते हुए उमा भारती ने कहा कि वह आडवाणी जी के घर माथा टेकने आईं हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री रहीं उमा भारती ने कहा कि 'कोर्ट ने एक निष्पक्ष किंतु दिव्य निर्णय दिया है। मैं आडवाणी जी के घर में उनको माथा टेकने आई हूं, आडवाणी जी ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने सूडो-सेक्यूलरिज्म को चेलेंज किया था...उन्हीं की बदौलत आज हम यहां तक पहुंचे हैं।'

राम मंदिर आंदोलन के सूत्रधार रहे हैं आडवाणी

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को राममंदिर आंदोलन का सूत्रधार भी कहा जाता है। उन्होंने देशभर में रथयात्रा निकालकर राम मंदिर निर्माण के पक्ष में हवा बनाई थी। आडवाणी पार्टी में अटल बिहारी वाजपेयी के बाद दूसरे नंबर के नेता रहे हैं। वह देश के उप प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। पार्टी में उन्हें 'लौह पुरुष' की संज्ञा भी दी जाती है।

Posted By: Neeraj Vyas