लखनऊ। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बुधवार को कहा कि वह अयोध्या मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ 9 दिसंबर से पहले पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा। बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने बताया कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के अपने फैसले पर दृढ़ है और उसके पास ऐसा करने के लिए नौ दिसंबर तक का वक्त है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को फैसला किया है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा। हालांकि उसने अभी यह फैसला नहीं लिया है कि वह अयोध्या में वैकल्पिक पांच एकड़ जमीन लेगा या नहीं। जिलानी ने कहा कि पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करने के सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के निर्णय पर कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड 17 नवंबर को अपनी बैठक में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का अंतिम फैसला ले चुका है। जिलानी ने कहा कि अभी पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की तारीख का एलान नहीं किया जा सकता है क्योंकि अभी तय नहीं किया गया है कि यह किसकी ओर से दाखिल की जाएगी। जिलानी ने आरोप लगाया कि अयोध्या की पुलिस पुनर्विचार याचिका दाखिल करने वाले संभावित मुस्लिम पक्षों को प्रताड़ित कर रही है।

गौरतबल है इसके पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अयोध्या मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से इंकार कर दिया और कहा कि वह राम जन्म भूमि मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला मानेंगे। अयोध्या केस के वादी हाशमी भी इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से मना कर चुके हैं।

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