बरेली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघ चालक मोहन भागवत की जमीयत उलमा-ए-हिद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से मुलाकात का बरेलवी मसलक के उलमा ने समर्थन किया है। मुंबई रजा अकादमी के अध्यक्ष मौलाना सईद नूरी ने शनिवार को कहा कि इस मुलाकात में कोई हर्ज नहीं है। वो दरगाह आला हजरत पर उर्स-ए-नूरी में भाग लेने मुंबई गए थे।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से नफरत का दायरा बढ़ रहा है, उसे मिटाने के लिए संवाद और नजदीकियां जरूरी हैं। वहीं, तंजीम उलमा-ए-इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश में हिसा का वातावरण बढ़ा है। हिसा तभी कम होगी, जब देशवासियों में भाईचारे का भाव स्थापित होगा। इसके लिए संवाद और फिर मुलाकातें जरूरी हैं।

दरअसल, 31 अगस्त को दिल्ली में हुई मौलाना अरशद मदनी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात मुस्लिम समाज में चर्चा का विषय बनी है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग मौलाना का विरोध कर रहे हैं तो कुछ हिमायत। गत दिनों दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन ने भी इस मुलाकात का स्वागत किया था।