नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में वामपंथी छात्र संगठन से जुड़े छात्रों ने गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की विवादित डाक्युमेंटी को देखा। जेएनयू प्रशासन ने प्रोजेक्टर पर इसे ना देखा जा सके इसके लिए कार्यालय और उसके आसपास की बिजली बंद करवा दी थी। वहीं जेएनयू परिसर में सिग्नल जैमर लगवाकर इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। इस दौरान वामपंथी छात्र संगठन से जुड़े विद्यार्थियों ने पहले से मोबाइल और लैपटाप पर डाउनलोड इस डाक्युमेंट्री को देखा। इस दौरान छात्र मार्च करते हुए वसंत कुंज पुलिस स्टेशन पहुंचे और स्क्रीनिंग के दौरान पथराव होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।

छात्रसंघ कार्यालय में करना चाहता था स्क्रीनिंग

जेएनयू छात्र संगठन डाक्युमेंट्री की स्क्रीनिंग मंगलवार रात 9 बजे अपने कार्यालय में करना चाह रहा था। लेकिन जेएनयू प्रशासन ने ऐसा करने पर साफ रोक लगा दी थी। इसके बाद भी छात्र संगठन से जुड़े विद्यार्थी तय समय पर कार्यालय के बाहर जमा होने लगे, इस दौरान उनके कार्यायल की बिजली काट दी गई। इसके बाद सभी ने मोबाइल और लैपटाप पर पहले से डाउनलोड डाक्युमेंट्री को एक साथ देखा।

जेएनयू परिसर में तैनात रही पुलिस

विवादित डाक्युमेंट्री के दौरान हंगामें की आशंका को देखते हुए जेएनयू परिसर के अंदर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात रहे और मुख्य गेट के बाहर भी पुलिसकर्मी तैनात थे। स्टूडेंट फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआइ) ने सभी राज्यों में डाक्युमेंट्री की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए थे।

Posted By: Prashant Pandey

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