Trending News: चॉकलेट बार के अंदर कीड़े पाए जाने पर एक व्यक्ति ने प्रसिद्ध चॉकलेट कंपनी पर मुकदमा दायर किया। 20 लाख से 50 लाख रुपए तक के मुआवाजे की मांग की। हालांकि ने कोर्ट ने उन्हें राज्य उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया। कहा कि 89 रुपए के चॉकलेट बार के लिए राहत के तौर पर जिस रकम की मांग कर रहे, वह बहुत अधिक है। यह मामला बेंगलुरु का है।

कैडबरी चॉकलेट में निकले कीड़े

दरअसल बेंगलुरु के एचएसआर लेआउट के निवासी मुकेश कुमार केडिया ने अक्टूबर 2016 में एमके रिटेल सुपरमार्केट से 89 रुपए में दो कैडबरी की फ्रूट एंड नट चॉकलेट खरीदी थी। उन्होंने अपनी भतीजी को दोनों चॉकलेट दी। कुछ दिनों बाद केडिया को पता चला एक चॉकलेट में कीड़े हैं। तब उन्होंने कैडबरी की ग्राहक हेल्पलाइन से शिकायत की।

शिकायत पर नहीं मिला जवाब

जब मुकेश कुमार को इस शिकायत के बारे में आगे कोई सूचना नहीं मिली। तब उन्होंने 26 अक्टूबर 2016 को शांतिनगर में बेंगलुरु शहरी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से संपर्क किया। केडिया ने कैडबरी चॉकलेट के निर्माता मोंडलेज इंडिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के गुणवत्ता विभाग के प्रमुख के खिलाफ सेवा की कमी की शिकायत दर्ज की। शुरू हुए मुकदमे में मुकेश के वकील ने मामला पेश किया, जबकि मोंडलेज के अधिवक्ताओं ने कहा, याचिकाकर्ता 89 रुपए की चॉकलेट की एक बार के लिए लाखों रुपए की मांग करके सिर्फ आर्थिक लाभ की तलाश में है।

कोर्ट ने दिया आदेश

अदालत ने स्वीकार किया कि चॉकलेट में कीड़े थे, लेकिन कहा कि जो मुआवजा मांग जा रहा है। वह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। न्यायाधीशों ने कहा कि मामला 2016 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत दायर किया गया था, जो केवल 5 लाख रुपए तक की दलीलों की सुनवाई की अनुमति देता है। कोर्ट ने केडिया को राज्य उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया।

Posted By: Navodit Saktawat

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