पटना। देश का एक हिस्सा जहां मानसून की मेहरबानी की आस लगाए बैठा है, वहीं बिहार में बाढ़ का तांडव जारी है। हालांकि कोसी-सीमांचल के बाद अब उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति सामान्य होने लगी है, लेकिन मधुबनी के बेनीपट्टी और दरभंगा के जाले और केवटी में बागमती और अधवारा समूह की नदियों का पानी दर्जनभर से अधिक गांवों में प्रवेश कर गया है। इस बीच, दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सीतामढ़ी पहुंचकर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों और राहत शिविरों का जायजा लेने के साथ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। जानिए बिहार की बाढ़ की ताजा स्थिति -

पानी और धूप के बीच फंसी है हजारों की की जिंदगी

  • पूर्णिया जिले में परमान, सौरा, महानंदा आदि नदियों के पानी में कमी आई है, लेकिन पीड़ितों की जिंदगी पानी और धूप के बीच फंसी नजर आ रही है। सैकड़ों परिवारों का सबकुछ तबाह हो गया।
  • बाढ़ पीड़ित पिछले आठ दिनों से पॉलीथिन के नीचे रहने को विवश हैं। कटिहार में भी नदियों का पानी घटा है। हालांकि महानंदा अब भी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।
  • कोसी और सीमांचल की नदियों में आई बाढ़ का पानी अब घटने लगा है। कोसी और सीमांचल के जिलों में शनिवार को सात लोगों के डूबने की सूचना है।
  • पूर्वी चंपारण के विभिन्न क्षेत्रों में पानी में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई। पूर्वी चंपारण में गंडक, सिकरहना समेत सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बहने से जनजीवन सामान्य होने लगा है।
  • सीतामढ़ी में बागमती, लखनदेई, लाल बकेया और अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। पुपरी में जलजमाव से आक्रोशित लोगों ने सड़क जामकर, टायर जलाकर प्रदर्शन किया।

Posted By: Arvind Dubey

Assembly elections 2021
elections 2022
  • Font Size
  • Close