Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया। नीतीश कुमार ने एक बार फिर भाजपा से गठबंधन तोड़ने का फैसला किया है। 2013 में भी उन्होंने ऐसा ही किया था। बिहार में एक बार फिर महागठबंधन (आरजेडी और कांग्रेस) की सरकार बनेगी। नीतीश कुमार ने हर बार राष्ट्रपति चुनाव के ठीक बाद पलटी मारी है।इस तरह पांच वर्ष बाद बिहार की राजनीति फिर उसी मोड़ पर खड़ी हो गई है, जब राजद और जदयू ने मिलकर 2015 में सरकार बनाई थी। राजद, कांग्रेस और वामदलों ने बैठक कर नीतीश के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए समर्थन पत्र तैयार कर लिया है।

भाजपा से क्यों नाराज हुए नीतीश कुमार

सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार ने भाजपा के समक्ष दो मांगें रखी थीं। वह विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को हटाना चाहते थे। सत्र के दौरान उनसे तीखी बहस होने के चलते नाराज थे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल से भी उनकी पटरी ठीक नहीं बैठ रही थी। किंतु तात्कालिक वजह बनी 30 और 31 जुलाई को पटना में भाजपा के सात मोर्चों की संयुक्त कार्यसमिति का आयोजन। भाजपा ने जदयू के लिए 43 सीटों को छोड़कर शेष दो सौ सीटों पर चुनाव की तैयारियां शुरू कर दीं। नीतीश को यह नागवार गुजरा।

बिहार विधानसभा की स्थिति

विधानसभा की कुल सीटें - 243 (अनंत सिंह की सदस्यता खत्म होने के बाद अभी कुल - 242)

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9 अगस्त: क्रांति दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई। आईए, क्रांति दिवस से प्रेरणा ग्रहण करें - कुछ नया करने की, नई शुरुआत की। बिहार वासियों, देश को नई दिशा देने की। आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में कदम दर कदम आगे बढ़ाने की।

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- Upendra Kushwaha (@upendrajdu) 9 Aug 2022

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"NDA में PM हैं माननीय श्री @narendramodi जी, लेकिन देश भर में व्यक्तित्व के रूप में यदि आकलन किया जाए तो आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी PM बनने के योग्य हैं, आज हमारी दावेदारी नहीं है लेकिन श्री @NitishKumar जी PM बनने की हर तरह की योग्यता रखते हैं।"

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- Upendra Kushwaha (@upendrajdu) 9 Aug 2022

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