Bihar: भाजपा से नाता तोड़ने के बाद और बिहार में फिर से महागठबंधन की सरकार बनाने के बाद एक चर्चा सबदूर है कि क्या नीतीश कुमार 2024 के आम चुनावों को देखते हुए विपक्ष को एक जुट करने में अहम भूमिका निभाने जा रहे हैं? शुक्रवार को जब नीतीश कुमार मीडिया के सामने आए तो भी यही सवाल किया गया। इस पर नीतीश कुमार ने कहा, 'हम सभी को एकजुट करना चाहेंगे। मैं सकारात्मक काम कर रहा हूं। मुझे बहुत सारे फोन आ रहे हैं, मैं सब कुछ कर रहा हूं। मैं सब कुछ करूंगा लेकिन पहले मैं यहां अपना काम करूंगा।'

प्रधानमंत्री पद का उम्मीद बनने पर नीतीश ने कहा, 'मैं हाथ जोड़कर कहता हूं, मेरे पास ऐसा कोई विचार नहीं है..मेरा काम सभी के लिए काम करना है। मैं यह देखने का प्रयास करूंगा कि सभी विपक्षी दल एक साथ काम करें। अगर वे करते हैं, तो अच्छा होगा। मेरी पीएम बनने की कोई इच्छा नहीं है, लेकिन कई फोन जरूर आ रहे हैं।' नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर भी निशाना साधा जो भाजपा के सत्ता से अलग होने के बाद मुखर हैं। नीतीश का कहना है कि वो (गिरिराज सिंह) अनाप-शनाप बोलेंगे तो भी तो पार्टी में उनका कद ऊंचा होगा। बिहार में सरकारी नौकरियां देने के तेजस्वी के वादे पर नीतीश ने कहा कि इसका प्रयास किया जाएगा।

सोनिया से मिलेंगे तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार की कर सकते हैं पैरवी

नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव नई दिल्ली में हैं और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे। राजनीति के जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार भले ही इन्कार कर रहे हो, लेकिन उन्हें विपक्ष का संयोजक बनाया जा सकता है। यह इच्छा नीतीश कुमार खुद व्यक्त नहीं करेंगे, तो यह काम तेजस्वी कर सकते हैं। वैसे भी तेजस्वी चाहेंगे कि नीतीश जल्द से जल्द यूपीए में कोई जिम्मेदारी संभालें, और इस तरह यदि सीएम पद खाली होता है तो उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका भी मिल जाएगा।

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