Punjab Politics BJP : पंजाब में नये मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अभी शपथ ग्रहण भी नहीं किया है, और उनके खिलाफ विपक्ष का हमला तेज हो गया है। कांग्रेस आलाकामन ने तमाम विरोधों और भारी मशक्कत के बाद एक ऐसा नाम चुना, जिसे लेकर उनकी अपनी पार्टी में कोई विरोध नहीं था। लेकिन मुख्यमंत्री चुने जाने के साथ ही बीजेपी ने नये मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने तीन साल पुराने एक मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता के चयन पर सवाल उठाया है। बीजेपी के मुताबिक कांग्रेस ने एक महिला का उत्पीड़न करनेवाले शख्स को मुख्यमंत्री चुना है। आनेवाले दिनों में ये मुद्दा नये मुख्यमंत्री के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

किस मामले का जिक्र कर रही है बीजेपी?

चरणजीत सिंह चन्नी का नाम #MeToo प्रकरण में सामने आ चुका है। इसी साल मई में तीन साल पुराने एक मामले में उनका नाम आया था। आरोप था कि उन्होंने एक महिला आईएएस अधिकारी को साल 2018 में कई आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे। हालांकि, महिला अधिकारी ने इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन पंजाब महिला आयोग ने इस मामले को लेकर मई में राज्य सरकार को नोटिस भेजा था, तब मामला फिर से सुर्खियों में आया।

एक और विवादित मामला तब का है, जब पंजाब में तकनीकी शिक्षा मंत्री रहते हुए चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें वो दफ्तर में सिक्का उछालते दिख रहे थे। इस घटना के बाद विपक्षी पार्टियों ने उन्हें निशाने पर लिया था। इस मामले में आम आदमी पार्टी ने तत्कालीन सीएम अमरिंदर सिंह से उनके इस्तीफे की मांग तक कर दी थी।

क्या है नये मुख्यमंत्री की खासियत?

पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब कांग्रेस में मुखर नेता रहे हैं और उन्हें दलित सिख का एक अहम चेहरा माना जाता है। बता दें कि भारत में सबसे अधिक दलित सिख पंजाब में हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण से दलित सिख चेहरा होना उनको मुख्यमंत्री बनाए जाने की अहम वजह रही है। इसके अलावा, कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री के पद पर रहे चरणजीत भी नवजोत सिंह सिद्धू की तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफे की मांग करने वाले विधायकों में शामिल रहे हैं। चरणजीत सिंह चरणजीत सिंह चन्नी युवा कांग्रेस से भी जुड़े रहे हैं। इसी दौरान वे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के करीब आए थे। चरणजीत सिंह पंजाब में नशा को लेकर और गीतों में इसे बढ़ावा दिए जाने को लेकर विरोध जताते रहे हैं। साथ ही इस पर बैन लगाए जाने की मांग करते रहे हैं।

Posted By: Shailendra Kumar