प्रभात उपाध्याय, नोएडा। राजमार्गों पर स्थित पुल की वजह से कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। अब देशभर में पुल की निगरानी (इंस्पेक्शन) प्रशिक्षित ब्रिज इंस्पेक्टर करेंगे।

इंडियन एकेडमी ऑफ हाईवे इंजीनियर्स (आइएएचई) देश में पहली बार ब्रिज इंस्पेक्शन के लिए विशेष कोर्स शुरू करने जा रहा है। सेक्टर 62 स्थित इंडियन एकेडमी ऑफ हाईवे इंजीनियर्स (आइएएचई) केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ मिलकर ब्रिज इंस्पेक्टर के कोर्स के लिए मॉड्यूल तैयार करने में जुट गया है। संस्थान के अनुसार कोर्स में सिविल इंजीनियर को ही दाखिला दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रैक्टिकल पर अधिक जोर होगा।

अभ्यर्थी को क्लासरूम के साथ-साथ देशभर में स्थित अलग-अलग तरह के पुल पर ले जाया जाएगा और उसके विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराया जाएगा। अभ्यर्थी को पुल (जिसमें फ्लाइओवर भी शामिल है) के इंस्पेक्शन की बारीकी के साथ-साथ क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत व उसके पुनरुद्धार का तौर-तरीका भी बताया जाएगा। ताकि आपात स्थिति में ब्रिज इंस्पेक्टर ही पुल की मरम्मत कर सकें। हालांकि कोर्स की अवधि व फीस के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ।

आईएएचई के निदेशक वीएल पाटंकर ने बताया कि अभी प्रशिक्षित ब्रिज इंजीनियर के अभाव में देश में पुल के इंस्पेक्शन की सुचारु व्यवस्था नहीं है। इंस्पेक्शन नहीं होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रिज इंस्पेक्टर का कोर्स शुरू करने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पुल की हालत जानने के लिए हाल ही में बाकायदा कंसलटेंट नियुक्त किए हैं। गौरतलब है कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत विकसित देशों में काफी पहले से ही इस तरह के प्रशिक्षण की व्यवस्था है।

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