टैक्‍स कंसल्‍टेंट जेपी सराफ के मुताबिक 1. रुपये 5 लाख तक करयोग्य कुल वार्षिक आय होने पर पूरे कर की रिबेट मिलेगी, ये 5 लाख से एक रुपये भी ज्यादा होगी तो कोई रिबेट नही मिलेगी और पूरे पर आयकर भरना होगा (उदाहरण: वेतन/पेंशन वार्षिक रु. 8 लाख.. छूट योग्य बचत रु.1.50 लाख...कुल वार्षिक आय रु 6.50 लाख.. इस पूरी आय पर आयकर लगेगा रु 5 लाख तक कि छूट का इन्हें लाभ नही मिलेगा क्योकि ये रु 5 लाख से ज्यादा है पर यदि उपरोक्त उदाहरण में वेतन 6 लाख और छूट 1.50लाख तो कुल वार्षिक आय 4.50लाख..चुकी ये रु 5 लाख के अंदर है अतः इस पर लगने वाले@5% आयकर को रिबेट के रुपए में छूट मिल सकेगी)

2 . सभी कर्मचारियों को वेतन में standard deduction द्वारा 10हजार की छूट बढ़ाई

(पहले 40हजार थी अब 50हजार);

3. कोई भी व्यक्ति दो रिहायशी मकान स्वयं के रहवासी उपयोग के लिए रख सकेगा

(पहले एक व्यक्ति के दो मकान होने पर दूसरे पर notional rent जोड़ कर आयकर देना होता था)

4. रिहायशी मकान बेच कर होने वाले पूंजीगत लाभ (रु2 करोड़ तक) का निवेश दो अलग रिहायशी मकान में भी किया जा सकेगा

(पहले निवेश सिर्फ एक मकान तक सीमित था)

5. बिल्डरों को प्रोजेक्ट के पुर्णतः निर्मित मकान/दुकान(जिसका complition certificate आ चुका हो) को दो वर्ष तक स्टॉक में रहने पर कोई कर नही, उसके बाद Notional Rent जोड़ कर आयकर देना होगा(पहले ये सीमा 1 वर्ष थी)

मलतब ये जिस व्यक्ति की वार्षिक करयोग्य आय रु 2.50लाख है आयकर रिटर्न भरने होगा।

(रु3 लाख(सीनियर सिटीजन)/सुपर सीनियर को 5 लाख)

(ये बदलाव 31मार्च 2020 के बाद भरे जाने वाले आयकर रिटर्न संबंधी वित्त वर्ष 1अप्रैल19 से 31मार्च20 में होने वाली आय पर लागू होंगे)

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