नई दिल्ली। बजट 2019 में आम आदमी के लिए सबसे बड़ा ऐलान यह रहा कि 5 लाख रुपए तक की आय तक अब इनकम टैक्स नहीं लगेगा। पहले यह सीमा 2.50 लाख रुपए सालाना थी। अगर इसमें आयकर की धारा 80सी के तहत मिलने वाली छूट को जोड़ दिया जाए, तो यह दायरा बढ़कर 6.5 लाख रुपए से अधिक हो जाएगा। यानि आप बचत करते हैं तो टैक्स की यह छूट 6.50 लाख हो जाएगी। इससे तीन करोड़ मध्यमवर्गीय परिवारों को फायदा होगा।

ऐसे समझें कि कैसे उठा सकते हैं फायदा

भविष्‍य निधि, विशेष बचतों, बीमा आदि में निवेश करने वाले वे लोग, जिनकी कुल आमदनी 6.50 लाख रुपए तक है, उन्‍हें आयकर भुगतान नहीं करना होगा। इसके साथ ही दो लाख रुपए तक के आवास ऋण के ब्‍याज, शिक्षा ऋण पर ब्‍याज, राष्‍ट्रीय पेंशन योजना में योगदान, चिकित्‍सा बीमा, वरिष्‍ठ नागरिकों की चिकित्‍सा पर होने वाले खर्च आदि जैसी अतिरिक्‍त कटौतियों के साथ उच्‍च आय वाले व्‍यक्तियों को भी कोई कर नहीं देना होगा।

इससे स्‍व नियोजित, लघु व्‍यवसाय, लघु व्‍यापारियों, वेतनभोगियों, पेंशनरों और वरिष्‍ठ नागरिकों सहित मध्‍यम वर्ग के करीब 3 करोड़ करदाताओं को करों में 18,500 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा।

एफडी के 40 हजार रुपए तक के ब्याज पर टैक्स नहीं

दूसरा बड़ा ऐलान यह रहा कि एफडी के 40 हजार रुपए तक के ब्याज पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा। बैंक/डाकघर में जमा राशि पर मिलने वाले ब्‍याज पर टीडीएस सीमा को 10,000 रुपए से बढ़ाकर 40,000 रुपए कराने का प्रस्‍ताव किया गया है। इससे छोटे बचतकर्ताओं और गैर-कामकाजी लोगों को लाभ मिलेगा।

वहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया गया है। एचआरए पर टैक्स छूट 1.80 लाख से बढ़ाकर 2.40 लाख रुपए किया गया है। इससे 3 करोड़ वेतनभोगियों और पेंशनधारकों को 4,700 करोड़ रूपये का अतिरिक्‍त कर लाभ मिलेगा।

बजट भाषण के दौरान जैसे ही कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत देते हुए 5 लाख तक आय पर कोई टैक्स नहीं लगने की घोषणा की, सदन में मोदी के समर्थन में नारे लगे। सरकार की इस घोषणा का लाभ साढे तीन करोड़ टैक्स पेयर्स को मिलेगा।

यह भी पढ़ें: नई पेंशन योजना की घोषणा, हर महीने मिलेंगे 3000 रुपए

आवासीय घरों को अधिक राहत

वित्‍त मंत्री ने कहा कि अपने कब्‍जे वाले दूसरे मकान के अनुमानित किराए पर लगने वाले आयकर शुल्‍क में छूट का प्रस्‍ताव किया गया है। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में यदि एक व्‍यक्ति के पास एक से अधिक अपना घर है, तो उसे अनुमानित किराये पर आयकर का भुगतान करना होता है।

गोयल ने कहा कि अपनी नौकरियों, बच्‍चों की शिक्षा और माता-पिता की देखभाल के लिए दो स्‍थानों पर परिवार रखने के कारण मध्‍यम वर्गीय परिवारों को होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए इस राहत की घोषणा की।

सस्ते घर के लिए योजना को एक साल और बढ़ाया

सस्‍ते आवास के अंतर्गत और अधिक आवास उपलब्‍ध उपलब्‍ध कराने के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80-आईबीए के अंतर्गत लाभों को एक और वर्ष के लिए विस्‍तारित किया जा रहा है। यानी यह 31 मार्च 2020 तक स्‍वीकृत आवासीय परियोजना पर लागू होगा।

रीयल एस्‍टेट क्षेत्र पर विशेष ध्‍यान देते हुए वित्‍त मंत्री ने बिना बिके हुए घरों/फ्लेटों के अनुमानित किराये पर कर-शुल्‍क से छूट की अवधि को परियोजना पूर्ण होने के वर्ष के अंतिम समय के एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष तक करने का प्रस्‍ताव किया है।

दो करोड़ रुपए तक के पूंजीगत लाभ वाले करदाता को भी छूट

वित्‍त मंत्री ने 2 करोड़ रुपए तक के पूंजीगत लाभों को प्राप्‍त करने वाले एक करदाता के एक आवासीय घर से दूसरे आवासीय घर में निवेश के लिए आयकर अधिनियम की धारा 54 के अंतर्गत पूंजीगत लाभों में वृद्धि का प्रस्‍ताव किया है। हालांकि इस लाभ को जीवन में एक बार ही प्राप्‍त किया जा सकता है।

पीयूष गोयल ने ये कहा।

- कर अदायगी को आसान बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं।

- टैक्स कलेक्शन का आंकड़ा 12 लाख करोड़ पहुंचा।

- टैक्स रिटर्न भरने वाले बढ़कर 6.85 करोड़ हुए।

- टैक्स कलेक्शन का पैसा गरीबों के विकास में खर्च हुआ।

- टैक्स कलेक्शन का पैसा गरीबों के विकास में खर्च हुआ।

- 99.94 फीसद रिटर्न बिना स्क्रूटनी के पास हुए।

- घर खरीदने पर जीएसटी घटाने पर फैसला विचाराधीन। इसके लिए काउंसिल फैसला करेगी।

यह भी पढ़ें: 26 हफ्तों की मैटरनिटी लीव, जानिए महिलाओं के लिए इस बजट में क्या है खास

GST को लेकर पीयूष गोयल ने ये कहा

- काले धन को खत्म करेगी सरकार।

- काले धन के लिए सरकार कड़े कानून लाई।

- सोर्स ऑफ इनकम घोषित करने का दबाव बनाया।

- नोटबंदी के बाद पहली बार एक करोड़ से ज्यादा टैक्स पेयर बढ़े।

- 3 लाख 38 हजार शेल कंपनियां बंद की।

-पहली बार बजट में सरकार ने अगले दस साल का विजन पेश किया

- अगले पांच साल में हम पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।

- हमारी कोशिश है कि अगले 8 सालों में हम 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनें।

- 40 लाख टर्नओवर तक जीएसटी नहीं।

- स्डेंडर्ड डिडक्शन 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया गया।

- बचत करने पर 6.5 लाख तक टैक्स नहीं।

यह भी पढ़ें: वेतनभोगियों के लिए बड़ी घोषणाएं, ग्रेज्युटी सीमा डबल, 10 करोड़ मजदूरों के लिए पेंशन और बीमा

Posted By: