लखनऊ। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने शनिवार को बनारस में नमामि गंगे के पहले चरण के कार्यों का शिलान्यास किया। संकल्प दोहराते हुए भरोसा दिया कि 2018 तक गंगा आचमन योग्य हो जाएंगी। वहीं, गंगा को अविरल-निर्मल बनाए रखने के लिए संगम नगरी में पांच राज्यों के पंचायत प्रतिनिधियों ने शपथ ली।

उमा भारती ने बताया कि गंगा किनारे के हर गांव में शौचालय बनवाकर अर्धकुंभ तक गंगा को निर्मल किया जाएगा। प्रधानमंत्री इसके लिए प्रतिबद्ध हैं और इसमें जितनी धनराशि लगेगी, खर्च की जाएगी। संगम का विकास साबरमती रिवरफ्रंट जैसा किया जाएगा। उमा भारती ने कहा कि गंगा निर्मलीकरण के तहत पहले चरण में बनारस के सभी घाटों का जीर्णोद्धार होगा। श्मशान घाटों पर विद्युत शवदाह गृह बनेंगे। काशी में करीब एक दर्जन श्मशान घाटों को आधुनिक स्वरूप देकर ईको फ्रेंडली बनाया जाएगा।

रमना एसटीपी का निर्माण भी होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मुगल शासकों के किलों को एतिहासिक धरोहर के तौर पर संरक्षित किया जा रहा है, उसी प्रकार घाटों के ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए उनकी मरम्मत की जाएगी, जैसी कोर्ट की मंशा भी है। घाटों की मरम्मत के प्रोजेक्ट को कोर्ट में भी प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अभी तक गंगा निर्मलीकरण की जो योजना बनी थी, उसमें समग्रता नहीं थी। इसलिए आपेक्षित परिणाम नहीं मिले। बजट में केंद्रांश व राज्यांश का लफड़ा भी योजना को आकार नहीं लेने दिया।

इसे अब दूर किया है। पूरी धनराशि केंद्रांश की होगी। इस दौरान मौजूद केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने भी उमा भारती संग योजनाओं के शिलान्यास के बाद कहा कि जिस प्रकार भगीरथ धरती पर गंगा को लाए थे, उसी संकल्प व ईश्वरी शक्ति के साथ निर्मलता व अविरलता के लिए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने संकल्प लिया है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगरानी में यकीनन पूरा होगा। उधर, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय, जल संसाधन नदी एवं गंगा विकास मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में सुरसरि की अविरलता, निर्मलता पर संगमनगरी शनिवार को अनूठे संकल्प का साक्षी बनी।

पांच राज्यों में गंगा किनारे आबाद गांवों के प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष, मंत्री और अधिकारी प्रयाग में थे। सुबह नौ बजे केंद्रीय मंत्री उमा भारती और ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सबसे पहले शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क (कंपनी बाग) में इस बात की शपथ दिलाई कि गंगा किनारे के गावों को खुले से शौचमुक्त (ओडीएफ) किया जाएगा। फिर यूनाईटेड इंजीनियरिग कालेज नैनी में पंचायत प्रतिनिधियों ने गंगा स्वच्छता पर महामंथन किया।

उमा भारती ने कहा कि नदी और नारी बड़ा संघर्ष कर अपना जीवन बनाती हैं, इसलिए इन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता है। बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम में पहली बार गंगा किनारे बसे गांवों को शामिल किया गया है। जल्द ही सभी 1651 गांवों में घर-घर शौचालय बनवा दिए जाएंगे। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जानकारी दी कि झारखंड के बाद यूपी, उत्तराखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल में भी गंगा ग्राम योजना चलाई जाएगी।

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