नई दिल्ली। सरकार के साथ ही अब वे आम लोग भी विपक्ष के निशाने पर हैं, जो संसद को ठप किए जाने का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताया तो जद (यू) नेता शरद यादव ने ऐसे लोगों को 'थैलीशाह' तक ठहरा दिया। हालांकि, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह कहते हुए इन्हें करारा जवाब दिया कि लोकतंत्र की कार्यवाही ठप करने के लिए इनके वोटर इन्हें कठघरे में खड़ा करेंगे।

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद शरद यादव ने उन लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया जिन्होंने संसद की कार्यवाही को ठप नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'आज आजादी के 68 साल बाद देश के पूंजीपति बाहर से कह रह हैं कि संसद को चलाना है। यह जान लीजिए कि 125 करोड़ लोगों ने आपको चुना है और यह आरोप कि थैलीशाहों ने आपको चुना है, आज सही साबित हो गया।'

हालांकि, जेटली ने तुरंत इसका विरोध किया। उन्होंने यादव को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा, 'क्या आम आदमी जिसने आपको वोट दिया है, वह चाहता है कि संसद नहीं चले? संसद नहीं चलाने के लिए आपको उन्हें जवाब देना होगा। आप इस बात के दोषी हैं कि आप इस देश में लोकतंत्र को रोकने का प्रयास कर रहे हैं।'

इसी तरह कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने भी इस मामले में सरकार के साथ ही उन लोगों पर भी आरोप लगा दिया जिन्होंने यह अपील की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार मीडिया और व्यापारियों का उपयोग कांग्रेस के खिलाफ कर रही है।

उद्योगपति सलाह देते हैं कि संसद चलनी चाहिए और सांसदों के खिलाफ बयान देते हैं। उन्होंने कहा, यह सदन की गरिमा का सवाल है। देश भर के विभिन्न हजारों लोग ऑनलाइन अभियान चला कर राजनीतिक दलों से अपील कर रहे हैं कि वे संसद का काम ठप नहीं करें।

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