चेन्नई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने साफ किया है कि केंद्र सरकार तमिलनाडु या किसी अन्य दक्षिण भारतीय राज्य पर हिंदी नहीं थोप रही है। बकौल सीतारमन, इन आरोपों के उलट केंद्र सरकार तमिल भाषा को भी बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।

पिछले हफ्ते ग्रामीण इलाकों में पोस्टमैन और असिस्टेंट की भर्तियों के लिए डाक विभाग की परीक्षाएं सिर्फ अंग्रेजी और हिंदी में कराई गई थीं और तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक समेत राज्यस्तरीय राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं। इन राजनीतिक दलों का आरोप है कि यह तमिलनाडु पर हिंदी थोपने का तरीका है। सीतारमन ने अब इसी आरोप का जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल करते समय देखना चाहिए कि यह जानबूझकर किया गया है अथवा नहीं, लेकिन सीधे इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाना चाहिए कि यह कोई भाषा थोपने का प्रयास है। केंद्र सरकार हिंदी नहीं थोपती है। उन्होंने कहा कि 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' योजना के तहत देश के उत्तरी राज्यों में तमिल भाषा को लोकप्रिय बनाने की कोशिश की जा रही है। संसद में यह मुद्दा उठने पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में आश्वासन दिया कि 10 मई, 2019 की अधिसूचना के मुताबिक अब परीक्षा सभी स्थानीय भाषाओं में भी कराई जाएगी।

यह भी पढ़ें: कैंसर का हाइट से है सीधा कनेक्शन, जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर्स 

Posted By: Arvind Dubey

Assembly elections 2021
elections 2022
  • Font Size
  • Close